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Ghaziabad News: महिला आरक्षी समेत चार लोगों से 7.58 लाख ठगे

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इंदिरापुरम। ट्रांस हिंडन जोन में ठगों ने साहिबाबाद कोतवाली की महिला आरक्षी मीनाक्षी और ऑनलाइन शॉपिंग साइट के असिस्टेंट समेत तीन लोगों को अलग-अलग तरह से झांसा देकर 7 लाख 58 हजार रुपये ठग लिये। ठग ने असिस्टेंट को घर बैठे ट्रेडिंग में निवेश का मुनाफे का झांसा दिया था। ठग ने महिला आरक्षी को रिश्तेदार बताकर उनसे 25 हजार रुपये ट्रांसफर करा लिये। वहीं, ठग ने खोड़ा की साक्षी श्रीवास्तव से एक लाख 19 हजार रुपये ठग लिये। चारों मामलों में इंदिरापुरम, खोड़ा और साहिबाबाद कोतवाली पुलिस को ठगी का मुकदमा दर्ज कराया है।
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वसुंधरा सेक्टर-12 में रहने वाला युवक ऑनलाइन शॉपिंग साइट में असिस्टेंट हैं। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों उनके फोन पर मैसेज आया था जिसमें ठग ने ट्रेडिंग के काम में निवेश कर 20 से 30 प्रतिशत लाभ कमाने का झांसा दिया था। आरोप है कि ठग ने सबसे पहले उनसे पांच हजार रुपये निवेश कराये। बाद में एक हजार रुपये के लाभ के साथ रकम लौटा दी। फिर ठग ने दूसरी बार में उनसे एक लाख 70 हजार रुपये का निवेश करा लिया। ट्रेडिंग का टास्क पूरा करने के बाद जब उन्होंने पैसे मांगे तो ठग ने रकम निकालने के लिए कुछ पैसे खाते में ट्रांसफर करने की शर्त रख दी। आरोप है कि ठग ने कई बार में उनसे पांच लाख 94 हजार रुपये निवेश कराकर फोन बंद कर दिया। काफी देर बाद उन्हें ठगी का पता चला तो होश उड़ गए। युवक का कहना है कि ठग ने उनसे अलग-अलग बैंक खातों में पैसे निवेश कराये थे। दूसरे मामले में ठग ने एडीएस एडवांटेज सोसायटी निवासी हर्षिता शर्मा का ऑनलाइन वॉलेट हैक कर 20 हजार ट्रांसफर लिये। काफी देर बाद उन्हें बैंक से पैसे कटने का मैसेज आने पर ठगी का पता चला। तीसरे मामले में, खोड़ा की साक्षी श्रीवास्तव को घर बैठे काम करने का झांसा दे एक लाख 19 हजार रुपये ठग लिए। उन्होंने अपने पति को भी ठगी की जानकारी नहीं दी है।

साहिबाबाद कोतवाली में तैनात महिला आरक्षी मीनाक्षी के पास एक ठग ने रिश्तेदार बनकर फोन किया। काफी देर तक ठग ने बात की और उनसे खुद को पहचानने के लिए कहा। आरक्षी का कहना है कि वह भूलवश उन्होंने अपने एक जीजा का नाम ले लिया तो ठग ने वहीं नाम बताकर कहा कि वह क्रेडिट कार्ड से उन्हें पैसे भेज रहा है जिन्हें वह तुरंत उसके दूसरे नंबर पर ट्रांसफर कर दे। इस तरह ठग ने पहली बार में 20 रुपये भेजे और उनसे ट्रांसफर करा लिये। दूसरी बार में ठग ने 25 हजार रुपये ट्रांसफर कराकर उन्हें अपने क्रेडिट कार्ड से पैसे नहीं भेजे। फिर एक लिंक भेजकर खाते का बैलेंस चैक करने के लिए बोलकर चार हजार रुपये और ट्रांसफर करने के लिए कहा। तब वह ठग की चालाकी समझ गईं और तुरंत 25000 की ठगी की साइबर सेल में शिकायत दी।
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डीसीपी विवेक चंद्र का कहना है कि ठगी के चारों मामलों में हुई ट्रांजेक्शन की साइबर सेल टीम जांच कर रही है। ठग अलग-अलग जगह बैठकर ठगी करते हैं। उनकी लोकेशन भी ट्रेस की जा रही है।
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