गाजियाबाद। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर रफ्तार की सीमा तय होने के बाद भी तेज रफ्तार में वाहन दौड़ा रहे हैं। पुलिस ने इस साल पांच माह में सबसे ज्यादा 24,608 चालान तेज रफ्तार में वाहन दौड़ाने के ही किए हैं। इसके बावजूद लोग यातायात नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं और खुद के साथ दूसरों की जान जोखिम में डाल रहे हैं। दोनों एक्सप्रेसवे पर दो पहिया, तीन पहिया वाहन प्रतिबंधित है। इनके एक्सप्रेसवे पर जाने के कारण पिछले दिनों कई हादसे हुए। इन्हें रोकने के लिए एक्सप्रेसवे के एंट्री प्वाइंट पर यातायात पुलिसकर्मी तैनात किए हैं। इनका बीस हजार रुपये का चालान भी किए जा रहे हैं। इसके बावजूद पांच माह में 16,132 लोग प्रतिबंधित वाहनों से एक्सप्रेसवे पर दौड़े हैं। एडीसीपी यातायात रामानंद कुशवाहा का कहना है कि यातायात नियमों का पालन कराने के लिए समय-समय पर लोगों को जागरुक किया जा रहा है। लोगों को खुद से जागरुक होना होगा। इसके अलावा ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर हादसे रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं और पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।
38 हादसों में गई 28 की जान
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर जून तक 38 हादसे हुए। इनमें से अधिकांश हादसे तेज रफ्तार में वाहन दौडऩे पर हुए हैं। इन हादसों में 28 लोगों की जान गई जबकि 27 लोग घायल हुए हैं।