गाजियाबाद। शहर के 58 तिराहों-चौराहों पर लगे ट्रैफिक सिग्नल दूसरे दिन सोमवार को भी बंद रहे और शहर भर में ट्रैफिक जाम रहा। अधिकारियों के निर्देशों के बावजूद इन्हें लगाने वाली फर्म शिव शक्ति ड्रीम होम्स प्रा. लि. के संचालकों ने सिग्नल को चालू नहीं कराया। वहीं, सोमवार शाम निगम की सहायक नगर आयुक्त ने संचालकों समेत चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। अब नगर निगम अधिकारी इन सभी ट्रैफिक सिग्नलों पर कंट्रोलर लगवाकर खुद चालू कराएंगे और आचार संहिता समाप्त होने के बाद इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम में इनका संचालन कराया जाएगा।
नगर निगम की ओर से शिव शक्ति ड्रीम होम्स नाम की फर्म को वर्ष 2017 में छह साल के लिए बीओटी (बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर) के आधार पर ट्रैफिक सिग्नलों को लगाने और उनके संचालन का ठेका दिया था। ट्रैफिक सिग्नल लगाने पर हुए खर्च की एवज में फर्म को यूनिपोल लगाकर विज्ञापन का अधिकार दिया गया था। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कि ठेके की अवधि खत्म होने पर फर्म को यह सभी ट्रैफिक सिग्नल नगर निगम को हस्तांतरित करने थे। अनुबंध खत्म होने के बाद भी फर्म संचालक अनुमति से ज्यादा विज्ञापन लगाकर आमदनी कर रही थी। 2023 में फर्म का अनुबंध समाप्त हो गया था, लेकिन संचालकों ने मामले को कोर्ट में पहुंचा दिया और कोर्ट ने स्थगन आदेश जारी कर दिया। बीती 20 मार्च को हाईकोर्ट से नगर निगम के पक्ष में फैसला हो गया और कोर्ट ने कहा कि अनुबंध को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता।
इसके बाद अधिकारियों ने इन सिग्नलों का हस्तांतरण नगर निगम को करने के लिए फर्म को नोटिस जारी किया तो रविवार को फर्म ने इन सिग्नलों से कंट्रोलर उपकरण हटा दिए और इससे सिग्नल बंद हो गए। नगर आयुक्त ने फर्म संचालकों को इन सिग्नलों को दोबारा चालू कराने के लिए कहा, लेकिन नहीं किए। इसकी वजह से दूसरे दिन भी ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा गई।
इनके खिलाफ दर्ज कराई गई एफआईआर
नगर निगम की सहायक नगर आयुक्त व विज्ञापन प्रभारी पल्लवी सिंह की ओर से विज्ञापन फर्म शिव शक्ति ड्रीम होम्स प्रा. लि. के संचालक हरीश शर्मा, तरुण शर्मा के अलावा कपिल मोहन गुप्ता और गुंजन शर्मा के खिलाफ सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, धोखाधड़ी, मानवीय जीवन को खतरे में डालने का काम करने समेत कई अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
बयान
बंद हुए सभी ट्रैफिक सिग्नलों का संचालन फिलहाल नगर निगम कराएगा। जल्द से जल्द इन पर कंट्रोलर उपकरण लगवाकर संचालन शुरू कराया जाएगा। इसके लिए अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं। आचार संहिता समाप्त हो जाने के बाद आईटीएमएस में इन सिग्नलों को शामिल कराकर संचालित कराया जाएगा। - विक्रमादित्य सिंह मलिक, नगर आयुक्त