कैला भट्टा में गली में लटके बिजली के तार। संवाद
गाजियाबाद। विभिन्न योजनाओं के नाम पर ऊर्जा निगम की ओर से करोड़ों रुपये विद्युत सुधार के लिए खर्च हो चुके हैं लेकिन इसके बाद भी व्यवस्थाएं जस की तस हैं। आरडीएसएस के तहत जनपद में 17151 खंभे बदले और नए लगाए गए हैं। 37 करोड़ रुपये की लागत से शहर के तारों को बदला गया है। लेकिन इसके बाद शहर में झूलते तारों का जाल लटका हुआ है। इसकी वजह से कभी भी हादसा हो सकता है। शनिवार को अमर उजाला की टीम ने शहर में झूलते तारों के पड़ताल की। इस दौरान शहर के कई इलाकों में खंभों से नीचे लटकते तार दिखाई पड़े।
कैला भट्टा में गली में लटके बिजली के तार। संवाद