गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन की ऑफिसर्स कॉलोनी के निवासी क्षितिज जैन (26) की बुधवार सुबह दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। वह घर पर ही मैगजीन पढ़ रहे थे। तभी सीने में तेज दर्द उठा। बेटे की तबीयत बिगड़ती देख पिता विनीत जैन एक पल भी गंवाए बिना उसे संयुक्त अस्पताल ले गए। प्राथिमक उपचार देने के बाद डाक्टरों ने हृदय रोग विशेषज्ञ न होने की वजह से जैसे ही उसे रेफर करने के लिए लिखा-पढ़ी शुरू की, वैसे ही उसने दम तोड़ दिया।
विनीत जैन का हार्डवेयर का कारोबार है। क्षितिज उनका सहयोग करते थे। विनीत जैन ने डाक्टरों को बताया कि बेटा सुबह 11 बजे बेटे ने बताया कि सीने में तेज दर्द उठा है। दर्द असहनीय था। उसने बताया कि सीने के साथ ही बाजुओं में बहुत तेज दर्द है। संयुक्त अस्पताल की इमरजेंसी में उसके पहुंचते ही डाक्टरों ने उपचार शुरू कर दिया। डाक्टरों का कहना है कि लक्षण देखकर ही लग रहा था कि उसे दिल का दौरा पड़ा है।
डाॅक्टर राकेश ने बताया कि इलेक्ट्रो कार्डियोग्राम ( ईसीजी ) कराने पर स्पष्ट हो गया कि मामला दिल के दौरे का ही है। ऑक्सीजन का स्तर भी काफी नीचे आ गया था। हालत तेजी से बिगड़ रही थी। उसे हायर सेंटर रेफर किया जा रहा था। एंबुलेंस बुलाई गई थी। इसके आने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया।
सरकारी अस्पतालों में दिल का डाॅक्टर नहीं
एमएमजी और संयुक्त जिला अस्पताल में दिल के डाॅक्टर नहीं है। जिले के किसी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में भी दिल के डाॅक्टर की तैनाती नहीं है। ऐसे में दिल का मरीज आने पर उसे रेफर ही किया जाता है। गंभीर हालत में आने वाले कई मरीजों की जान जा चुकी है। इसके बावजूद शासन से दिल के डाॅक्टर की तैनाती नहीं की जा रही है। एक साल से पद खाली पड़े हैं।
आईसीयू भी नहीं है
सयुक्त जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. विनोद चंद पांडे ने बताया कि युवक को तुरंत प्राथमिक दिया गया। अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ नहीं हैं और आईसीयू भी नहीं है, इसलिए हायर सेंटर रेफर किया जा रहा था।