गाजियाबाद। साइबर ठगों ने शेयर ट्रेडिंग में रुपये निवेश कर 10 गुना मुनाफे का झांसा देकर एक कुकवेयर कंपनी के हरियाणा और उत्तर प्रदेश के सेल्स एग्जक्यूटिव मिथलेश कुमार सिंह से 1.73 करोड़ रुपये ठग लिए। ठगों ने एक नामी बैंक के नाम का एप तैयार कर उसके माध्यम से रुपये निवेश कराए। कुछ समय बाद उनकी आईडी ब्लॉक हुई तो उन्हें ठगी का पता चला। मामले में उन्होंने साइबर अपराध थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। इसके अलावा दो अन्य लोगों से भी शातिरों ने 46.98 लाख रुपये ठग लिए।
गोविंदपुरम निवासी मिथलेश कुमार सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उन्हें एक व्हाट्सएप ग्रुप के बारे में जानकारी हुई। वह ग्रुप में जुड़े तो उन्हें निवेश करने पर 10 गुना तक मुनाफा दिलाने की बात कही गई। शुरुआत में कम रुपये निवेश किए लेकिन अच्छा रिटर्न मिला। शातिरों ने कोटेक प्रो और कोटेक नीओ नाम की एप के माध्यम से रुपये निवेश करवाए। मिथलेश कुमार ने कुछ अपनी रकम और कुछ ऋण लेकर निवेश कर दी। जुलाई से सितंबर तक उन्होंने 10 अलग-अलग बैंक खातों में 1.73 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए। शातिरों ने उन्हें यह रकम मुनाफे के साथ 10.60 करोड़ रुपये दिखाई। बाद में उनकी आईडी ब्लॉक हो गई। एडीसीपी अपराध सच्चिदानंद ने बताया कि मामले में जिन खातों में रकम गई है उनकी जानकारी निकलवाई जा रही है। साथ ही ठगी की रकम को फ्रीज कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
10 गुना मुनाफे का झांसा देकर 35.58 लाख ठगे
गाजियाबाद। शालीमार गार्डन के विक्रम एंक्लेव के रहने वाले संतोष कुमार गुप्ता से साइबर ठगों ने एक विदेशी कंपनी में निवेश करने पर पांच से 10 गुना तक मुनाफे का झांसा देकर 35.58 लाख रुपये ठग लिए। ठगों ने 11 बैंक खातों में उनसे कई बार में रकम ट्रांसफर कराई। ठगों ने एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर ठगी के जाल में फंसाया। रकम वापस नहीं मिलने पर ठगी का एहसास हुआ। एडीसीपी ने बताया कि ठगी गई रकम को फ्रीज कराने के लिए बैंक को ई-मेल किया गया है।
टास्क पूरा करने और निवेश के नाम पर 11.40 लाख ठगे
गाजियाबाद। इंदिरापुरम के अभयखंड निवासी एक दंपती से साइबर ठगों ने टास्क पूरा करने और फिर क्रिप्टोकरंसी में निवेश कर मोटा मुनाफे का लालच देकर 11.40 लाख रुपये ठग लिए। मामले में अंकुर जैन ने साइबर अपराध थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस को दी शिकायत में बताया कि ठगों ने पहले स्पोर्ट्स वियर को रेटिंग देने के बदले में 150 रुपये दिए। उन्होंने हर दिन छह हजार रुपये कमाने का झांसा दिया। इसके बाद क्रिप्टो करंसी में निवेश के नाम पर अलग-अलग 20 खातों में रुपये ट्रांसफर करा लिए। एडीसीपी ने बताया कि ठगी गई रकम को फ्रीज कराने का प्रयास किया जा रहा है।