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Ghaziabad News: 36 घंटों में 208 टैंकरों ने पानी डाला फिर भी फैक्टरियों में दहकती रही आग

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लोनी। ट्रॉनिका सिटी औद्योगिक क्षेत्र सेक्टर-ए स्थित सनमति पैकेजिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में लगी आग को 36 घंटों से भी ज्यादा का समय हो गया है। इस आग को बुझाने के लिए दमकल कर्मियों ने 208 टैंकरों से पानी डाला लेकिन आग कंपनी की दोनों बिल्डिंगों में दहकती रही। दोनों बिल्डिंग पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है। दिनभर कंपनी में काम करने वाले कर्मी कंपनी के सामने बैठे रहे।
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मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल ने बताया कि दूसरे दिन भी आठ दमकल गाड़ियों की मदद से पानी डालकर आग को ठंडा करने का काम किया गया। दोनों मंजिलों के अलग-अलग हिस्सों से धुआं उठ रहा था। अभी तक 208 टैंकरों की मदद से पानी डाला गया है। एहतियात के तौर पर पानी के दो टैंकर मौके पर खड़े किए गए। उन्होंने बताया कि फैक्टरी में आग के कारण जांचने को कमेटी बनेगी। लखनऊ में उच्च अधिकारियों से कमेटी गठित करने के लिए पत्र भेजा है। फैक्टरी मालिक को पंपिंग चार्ज का चालान भरना पड़ेगा। वह कितना है इसका आंकलन किया जा रहा है।
वहीं, मुख्यालय से आदेश आने के बाद जांच कमेटी मौके पर जाकर फिर से जांच करेंगी। जांच में जो कमी पाई जाएगी। उसके आधार पर आगे कार्रवाई होगी। सोमवार को एक टीम फैक्टरी पहुंचेगी। उधर, इस फैक्टरी पहले भी दो बार आग लग चुकी है। 21 मई को फैक्टरी के बाहर रखे जनरेटर में आग लग गई थी। आग लगने पर दमकल विभाग ने पानी डालकर आग को बुझाया था। बृहस्पतिवार को भी फैक्टरी की ऊपर वाली मंजिल में रखी पन्नियों के बंडल में आग लग गई थी, लेकिन आग को समय पर बुझा लिया गया था।
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लोनी फायर स्टेशन इंचार्ज गौरव कुमार ने बताया कि 2019 से पहले फैक्टरी मालिक पर ऑफलाइन एनओसी थी। इसके बाद मालिक ने एनओसी रिन्यू नहीं कराई थी। दो बार फैक्टरी में आग लगी थी। आग लगने पर फैक्टरी मालिक ने एनओसी के लिए आवेदन किया लेकिन मानक के अनुसार फायर फाइटिंग सिस्टम नहीं होने पर प्रमाण पत्र नहीं मिल सका था। फैक्टरी मालिक को मानक के अनुसार फायर फाइटिंग सिस्टम लगाने के लिए बोला गया था। सिस्टम लगने से पहले ही यह घटना हो गई।


शिफ्ट चेंज होने के दौरान हुई घटना
रविवार को इस फैक्टरी में काम करने वाले कुछ कर्मी पहुंचे। उन्होंने बताया कि सुबह करीब 9 बजे फैक्टरी के कर्मी शिफ्ट बदल रहे थे। इस दौरान फैक्टरी की छत से आग लगनी शुरू हो गई। फैक्टरी में आग लगने पर सभी लोग बाहर की तरफ भागे।कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया था।

फैक्टरी को जलता हुआ देखा तो कर्मियों की आंखों में आए आंसू

फैक्टरी में काम करने वाले एक कर्मचारी ने बताया कि 2013 से यह फैक्टरी चल रही है। इस फैक्टरी में काम करने वाले कर्मचारी सालों पुराने है। जब यह घटना हुई, तो सभी लोग बाहर आ गए। बाहर आकर देखा कि फैक्टरी में भयानक आग लगी हुई थी, जिस फैक्टरी में काम करते थे, वह फैक्टरी जल कर राख हो रही थी। फैक्टरी के जलने पर कर्मचारियों के आंखों में आंसू आ गए थे।

सीएम को लिखेंगे पत्र :

इंडस्ट्रीयल एसोसिएशन ऑफ एमएसएमई के अध्यक्ष अरुण गुप्ता ने बताया कि 25 सालों से ट्रॉनिका सिटी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रही है। ट्रॉनिका सिटी औद्योगिक क्षेत्र गाजियाबाद के उद्योगपतियों को जल निकासी, पेयजल आपूर्ति, फायर स्टेशन, ईएसआई डिस्पेंसरी, पुराने बिजली बुनियादी ढांचे का उन्नयन, कचरा संग्रहण सुविधा आदि नहीं मिली। उन्होंने मामले में एक्स पर पोस्ट कर शिकायत की है। उन्होंने कहा कि इस आगजनी की घटना और अन्य सुविधा को लेकर वह लिखित में सीएम से शिकायत करेंगे।
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