गाजियाबाद। नगर निगम ने संपत्ति कर के बकायेदारों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। करीब 2.60 लाख भवन मालिकों को नोटिस भेजने शुरू कर दिए गए हैं। इनमें 1.80 लाख भवन मालिकों को बकाया संपत्ति कर के साथ 12 प्रतिशत ब्याज देना होगा, जबकि 80 हजार नए भवन भी संपत्ति कर के दायरे में हैं। एक माह के अंदर सभी नोटिस जारी हो जाएंगे।
इस बार चुनाव के कारण संपत्ति कर के नोटिस जारी करने पर रोक लगा दी गई थी। गाजियाबाद में चुनाव संपन्न होने के बाद नगर निगम ने कर वसूली का अभियान शुरू कर दिया है। सबसे पहले उन बकायेदारों से वसूली होगी, जिन्होंने वित्तीय वर्ष 2023-24 में संपत्ति कर का भुगतान नहीं किया है। नगर निगम क्षेत्र में तकरीबन 4.52 लाख कुल संपत्तियों से 31 मार्च 2023 तक कर वसूली की जानी थी, जिनमें 2.71 लाख भवन मालिकों ने संपत्ति कर का भुगतान किया है। करीब 1.80 लाख भवन मालिकों ने तय समय में संपत्ति कर जमा नहीं किया। ऐसे में अब इन्हें बकाया राशि पर 12 प्रतिशत ब्याज जोड़कर नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कि लोग समय से संपत्ति कर का भुगतान करें, इसके लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। सभी जोनल अधिकारियों को कर वसूली के लिए नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
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जीआईएस सर्वे में 1.40 लाख नए भवनों की पहचान
नगर निगम क्षेत्र में नई संपत्तियों की पहचान के लिए जीआईएस सर्वे कराया गया है। सर्वे के बाद नगर निगम की तरफ से सत्यापन कराया गया, जिसमें तकरीबन 1.40 लाख नए भवनों की पहचान की जा चुकी है। इनमें 60 हजार भवनों को बीते 31 मार्च तक नोटिस जारी किए जा चुके हैं। शेष 80 हजार भवनों को नए वित्तीय वर्ष में नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इनमें आवासीय, औद्योगिक और वाणिज्यिक के अलावा बहुमंजिला आवासीय इमारतों के फ्लैट भी शामिल हैं। साथ ही, पहली बार 25 गांवों के 50 हजार भवनों को भी संपत्ति कर के दायरे में लाया जा चुका है।
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इस बार वसूले 295 करोड़ रुपये
वित्तीय वर्ष 2022-23 में 206 करोड़ रुपये संपत्ति कर वसूला गया था, जो वित्तीय इस बार 295 करोड़ रुपये हो गया है। शासन की ओर से 313 करोड़ रुपये वसूलने का लक्ष्य दिया गया था। बीते वित्तीय वर्ष में कविनगर जोन ने 58.78 करोड़, वसुंधरा जोन ने 122 करोड़, सिटी जोन ने 56 करोड़, विजयनगर जोन ने 18 करोड़ और मोहननगर जोन ने 39.59 करोड़ रुपये की वसूली की थी। हालाकि, वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए राजस्व वसूली का लक्ष्य अभी शासन की ओर से निर्धारित नहीं किया गया है।
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अतिक्रमण पर भी कार्रवाई की तैयारी
शहर में अतिक्रमण की शिकायतें लगातार नगर निगम को मिल रही हैं लेकिन चुनाव को देखते हुए महापौर सुनीता दयाल ने नोटिस जारी करने पर लगाने के निर्देश दिए थे। गाजियाबाद लोकसभा क्षेत्र में चुनाव संपन्न हो चुका है। ऐसे में नगर निगम ने अतिक्रमण पर कार्रवाई की तैयारी फिर से शुरू कर दी है। शहर के बाजारों में अतिक्रमण का जाल परेशानी का सबब बन रहा है। तुराबनगर, घंटाघंटर, मालीवाड़ा, गांधीनगर, सदर बाजार सहित सभी मुख्य बाजारों में जाम जैसे हालात दिनभर बने रहते हैं।