वैशाली। सेक्टर-सात के उद्यमी अरविंद कुमार से बिहार में पानी साफ करने का प्लांट लगाने और मशीनरी भेजने की एवज में 17.66 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। उनका कहना है कि कंपनी के प्रॉपराइटर ने दो बार में माल मंगाकर सिर्फ सात लाख रुपये दिए थे। बकाया रकम का तकादा करने पर उन्हें मारने की धमकी दी गई।
वैशाली के रामप्रस्थ ग्रीन निवासी अरविंद कुमार का बुलंदशहर रोड औद्योगिक क्षेत्र में स्ट्रेक्चर इंडिया के नाम से कंपनी है। उसमें पानी साफ करने का प्लांट लगाते व मशीनरी खरीदते हैं। उद्यमी ने बताया कि बिहार के पटना में फोड अस्पताल के पीछे रहने वाले शैलेंद्र कुमार सिंह ने उनसे संपर्क किया था। बातचीत कर शैलेंद्र ने उनसे पटना में पानी साफ करने के लिए प्लांट लगाने का ऑर्डर दिया। पिछले साल जनवरी और मार्च में दो बार माल का ऑर्डर दिया। इसका उन्हें करीब सात लाख रुपये भुगतान किया। बाकी रकम कुछ दिनों बाद खाते में ट्रांसफर करने का आश्वासन दिया।
उद्यमी का आरोप है कि उन्होंने शैलेंद्र से बकाये के 17.66 लाख रुपये देने के लिए कहा तो उन्हें कई बार टहलाया गया। भुगतान के लिए उन्हें चेक दिया गया, लेकिन जिस बैंक का चेक दिया वह अन्य बैंक में मर्ज हो गया। इससे उन्हें भुगतान नहीं हुआ। उन्होंने बिहार में शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। उद्यमी ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से शैलेंद्र को नोटिस भी दिया। मगर उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने कौशांबी थाने में शिकायत देकर मुकदमा कराया है।
एसीपी इंदिरापुरम स्वतंत्र कुमार सिंह का कहना है कि उद्यमी की लिखित शिकायत पर शैलेंद्र सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओें में मुकदमा दर्ज किया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।