गाजियाबाद। पेंशन फंड व इंश्योरेंस के चार लाख रुपये दिलाने के नाम पर बीएसएनएल से सेवानिवृत्त फोन मैकेनिक वेदपाल सिंह को साइबर ठग ने फंसा लिया और दो साल तक बैंक चार्ज, इनकम टैक्स, डीडी चार्ज के नाम पर ठगी करता रहा। शातिर ने 2020 से अब तक 15.91 लाख रुपये ठग लिए। दो महीने पहले जब उसने खातों में जमा कराई गई रकम की रसीदें जलाने के लिए कहा तो उन्हें शक हुआ। जब उन्होंने मेरठ बीएसएनएल कार्यालय जाकर जानकारी की तो उन्हें ठगी का पता चला। मामले में साइबर अपराध थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
वेदपाल सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह बीएसएनएल में फोेन मैकेनिक थे। 2016 में वह सेवानिवृत्त हो गए। दिसंबर 2020 में उनके पास एक कॉल आई। कॉलर ने खुद को पेंशन विभाग बीएसएनएल मेरठ से बताया। उसने उनके पेंशन फंड और इंश्योरेंस के चार लाख रुपये दिलाने की बात कही जो खाते में जमा नहीं हो पा रहे हैं। अगले दिन उनके पास लैंडलाइन नंबर पर कॉल आई। कॉल ट्रांसफर कर दी गई। ऐसा करके तीन बार कॉल ट्रांसफर कर अलग-अलग लोगों से बात कराई गई। इसके बाद उन्हें एक बैंक खाता नंबर दिया गया, जिसमें उनसे 17 दिसंबर 2020 को 24,600 रुपये ट्रांसफर कराए।
इसके बाद उनसे कई बार में 2023 फरवरी तक रकम लेते रहे। बीच में समस्या का समाधान करने का विश्वास दिलाते रहे। इसके बाद 2024 में भी कुछ रकम ली गई। आखिर में जब शातिर ने कहा कि बैंक खाते में जो रकम जमा कराई है। उनकी रसीदें जला दो तो उन्हें शक हुआ और मेरठ बीएसएनएल कार्यालय जाकर पता किया तो जानकरी हुई कि विभाग से उनके पास कोई कॉल नहीं गई है। एक महीने से आरोपी का फोन बंद जा रहा है। एडीसीपी अपराध सच्चिदानंद ने बताया कि मामले में जांच कर कार्रवाई की जा रही है। ठगी गई रकम को फ्रीज कराने का प्रयास किया जा रहा है।
आईपीओ दिलाने के नाम पर 37.58 लाख रुपये ठगे
गाजियाबाद। विजयनगर के प्रताप विहार के रहने वाले प्रवीन कुमार से साइबर ठगों ने शेयर ट्रेडिंग और आईपीओ दिलाने के नाम पर 37.58 लाख रुपये ठग लिए। उन्होंने बीच में रकम निकालने का प्रयास किया तो उनसे सर्विस चार्ज के नाम पर रुपये की मांग की। इसके लिए उन्होंने ऋण के लिए भी आवेदन किया। निवेश की गई रकम जब वापस नहीं मिली तो ठगी का एहसास हुआ।
प्रवीन कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह इंस्टाग्राम के जरिये एक लिंक के माध्यम से ग्रुप में जुड़े, जहां उन्हें शेयर ट्रेडिंग और आईपीओ के बारे में जानकारी दी। इसके लिए उनका एक खाता खुलवाया गया। शेयर और आईपीओ दिलाने के नाम पर उनसे 37.58 लाख रुपये ले लिए गए। यह रकम उन्होंने 30 जुलाई से 23 अगस्त के बीच आठ बार में दी। उन्होंने जब रकम निकालने का प्रयास किया तो उन्हें सर्विस चार्ज के नाम पर रकम मांगी गई। उन्होंने 10-10 लाख के ऋण के लिए भी आवेदन किया। रकम वापस नहीं मिलने पर उन्होंने साइबर अपराध थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। एडीसीपी अपराध सच्चिदानंद ने बताया कि ठगी गई रकम को फ्रीज कराने का प्रयास किया जा रहा है।
निवेश कर मुनाफे का झांसा देकर 5.28 लाख ठगे
गाजियाबाद। ट्रॉनिका सिटी के इलाइचीपुर निवासी संजीत कुमार को व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ लिया गया, जहां निवेश कर मुनाफे के बारे में जानकारी दी जाने लगी। ग्रुप एडमिन ने उन्हें एक वेबसाइट का लिंक भेजा, जिस पर उनका ट्रेडिंग अकाउंट बना दिया गया। मुनाफे का लालच देकर उनसे रुपये निवेश कराना शुरू किया। शातिरों ने धीरे-धीरे उनसे 5.28 लाख रुपये ले लिए। संजीत का कहना है कि उन्होंने तीन लाख रुपये का ऋण लेकर शातिरों के खातों में डलवाए। जब उन्होंने रुपये निकालने का प्रयास किया तो और रकम की मांग करने लगे तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ और साइबर अपराध थाने में मुकदमा दर्ज कराया। एडीसीपी ने बताया ठगी गई रकम को फ्रीज कराने के लिए टीम लगी है। जिन खातों में रकम गई है। उनकी जानकारी निकलवाई जा रही है।