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केमिकल कंपनी के नाम पर 150 लोगों से तीन करोड़ की ठगी

अमर उजाला ब्यूरो, गाजियाबाद Updated Tue, 18 Jun 2019 04:37 AM IST
डेमो - फोटो : डेमो
केमिकल कंपनी चलाने के नाम पर 150 लोगों से लगभग तीन करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। दो सगे भाइयों ने कंपनी में रुपये लगाने पर दो गुना होने का झांसा देकर लोगों को चूना लगाया।
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पांच महीने बाद ही आरोपी कंपनी बंद करके फरार हो गए। इस धोखाधड़ी में आरोपी की पत्नी और बेटी भी शामिल रहीं। कविनगर थाना पुलिस ने धोखाधड़ी और ठगी की रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

सुमित बेरा और सुरजीत बेरा दोनों सगे भाई हैं। सुमित कविनगर थाना क्षेत्र के गोविंदपुरम में रहता है और सुरजीत दिल्ली की मयूर विहार कालोनी में रहता है। सुरजीत के दोस्त गौरव वशिष्ठ और श्रवण यादव हैं। यह एक मॉल में काम करते हैं। सुमित का दोस्त योगेश कुमार है। योगेश रिवर हाईट्स में रहता है।

यह दोनों नोएडा की एक कंपनी में काम करते हैं। सुमित और सुरजीत ने वर्ष 2019 जनवरी में एसएसबी फैसिलिटी प्रा. लि. के नाम से केमिकल कंपनी बनाई। कंपनी बनाने के बाद दोनों ने लोगों से संपर्क शुरू कर दिया। इसमें अपने दोस्तों को भी शामिल कर लिया। लोगों से संपर्क करके बताया कि उनका केमिकल बड़े-बड़े मॉल और घरों में जाता है। उसमें करीब 50 से 60 प्रतिशत की बचत होती है।

आप लोग रुपये लगाएंगे तो आपको दोगुना रुपया मिलेगा। इस धंधे में सुरजीत ने अपनी पत्नी पूजा बेरा और बेटी वंदना बेरा को भी शामिल कर लिया। सभी ने लोगों से मिलकर उन्हें लालच देकर जोड़ना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे 150 लोगों को कंपनी से जोड़ लिया और सभी से रुपये ले लिए। किसी से दो लाख तो किसी से चार लाख, किसी से छह लाख रुपये ले लिए। बताया कि गौरव वशिष्ठ से पहले कंपनी चलाने के लिए 20 लाख रुपये ले लिए।

रव व अन्य ने कविनगर थाने में तहरीर देकर बताया कि 150 लोगों से तीन करोड़ रुपये की ठगी की गई है। कविनगर थाना प्रभारी राजकुमार शर्मा ने बताया कि सुमित बेरा, सुरजीत बेरा, पूजा बेरा, वंदना बेरा, श्रवण यादव के खिलाफ ठगी और फर्जी दस्तावेज का प्रयोग करने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है। आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

दोगुना रुपया करने के झांसे में फंसाया
आरोपी जिन लोगों से भी मिले, उन्हें रुपये दोगुना करने का झांसा दिया। कहा कि हमारे पास कंपनी में लगाने के लिए रुपये नहीं है। केमिकल की डिमांड बहुत आ रही है। रुपये न होने के कारण उसे पूरा नहीं कर पा रहे हैं। यदि आप भी रुपये लगा देंगे तो बिजनेस अच्छा हो जाएगा और घर बैठे आप लोगों की आमदनी भी दोगुना बढ़ जाएगी। लोग रुपये लगाते चले गए। काफी संख्या में लोग जुड़ते भी चले गए।

पहले जमाया विश्वास, फिर की ठगी
आरोपियों ने पहले लोगों से मिलकर उनका विश्वास जीता। पहले 10 लोगों से मिले और उनसे जो वादा किया उसे पूरा करते रहे। उन लोगों ने अन्य लोगों से जुड़वाया। धीरे-धीरे लोग रुपया जमा करते चले गए। फरवरी तक सभी को दोगुना रुपया मिलता रहा। इससे लोगों का विश्वास और ज्यादा बढ़ गया। कुछ लोगों को मार्च के पहले सप्ताह में भी रुपया दिया गया। विश्वास के कारण लोग रुपया जमा करते रहे।

दोस्ती की नहीं की शर्म, 30 लाख ठगे
गौरव ने कहा कि आरोपी बहुत अच्छे दोस्त थे। कंपनी को चलाने के लिए पहले 20 लाख रुपये दिए थे। इसके बाद मार्च में आरोपी ने कहा कि कंपनी में घाटा होने लगा है। उसे और रुपयों की आवश्यकता है। गौरव ने अपने बहन-बहनोई व अन्य रिश्तेदारों से उधार लेकर 10 लाख रुपये और दे दिए। गौरव पर करीब 15 लाख रुपये कर्ज भी हो गया। कहा कि आरोपियों ने दोस्ती में विश्वासघात किया है।

पीएफ का रुपया भी लगा दिया, आरोपी फरार
पीड़ितों ने बताया कि आरोपी सभी का रुपया लेकर फरार हो गया है। उनके घरों पर ताले लगे हुए हैं। उनका मोबाइल नंबर भी बंद जा रहा है। मिलने वाले और रिश्तेदारों से भी आरोपियों के बारे में जानकारी की गई है, लेकिन उनका कहीं कोई पता नहीं चल रहा है। बताया कि कई लोगों ने तो अपने पीएफ का रुपया भी लगा दिया।
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