बोर्ड के प्रस्ताव को दरकिनार कर लाइट कंपनी का भुगतान करेगा निगम
गाजियाबाद। नगर निगम ने बोर्ड के प्रस्ताव को दरकिनार कर एलईडी बदलने वाली कंपनी के भुगतान की सिफारिश कर दी। इसी कंपनी को ब्लैक लिस्ट करने का प्रस्ताव निगम की अगस्त 2018 में हुई बोर्ड बैठक में पास किया गया था। मिनिट्स में अभी भी यह प्रस्ताव दर्ज है। बावजूद इसके नगर निगम अधिकारियों ने शासन के दबाव के चलते फर्म को ब्लैक लिस्ट करना तो दूर उसके भुगतान की सिफारिश भी कर दी है। व्हाइट प्लाकार्ट नाम की कंपनी को शहर की 50250 सोडियम लाइटें बदलकर एलईडी लगाने का कांट्रेक्ट किया गया था। इन लाइटों की सात साल तक मेंटेनेंस भी इसी कंपनी को करनी थी। बावजूद इसके न तो कंपनी ने सभी लाइटें बदलीं और न ही खराब लाइटों की मेंटेनेंस कराई। नगर निगम ने अपने स्तर पर भी लाइटों के मेंटनेंस का काम बंद कर दिया। वार्डों में अंधेरा छाया तो बोर्ड बैठक में पार्षदों ने हंगामा किया। इसके बाद पार्षदों ने ध्वनिमत से व्हाइट प्लाकार्ट कंपनी को ब्लैक लिस्ट करने का प्रस्ताव पास किया था। रइसपुर के पार्षद मनोज चौधरी का कहना है कि निगम अधिकारियों की ओर से कंपनी को गुपचुप क्लीन चिट देने के इस मामले को आगामी कार्यकारिणी समिति की बैठक में उठाएंगे।