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घर का सपना होगा पूरा, पीएम आवास प्रोजेक्ट को मिलेगी रफ्तार

गाजियाबाद ब्यूरो Updated Sat, 25 May 2019 01:20 AM IST
घर का सपना होगा पूरा, पीएम आवास प्रोजेक्ट को मिलेगी रफ्तार
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गाजियाबाद। आम चुनाव में प्रचंड बहुमत मिलने के बाद भाजपा की केंद्र व प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री के एजेंडा में शामिल 2022 तक सबको घर देने के वायदे को पूरा करने में जुटेगी। अकेले गाजियाबाद में जीडीए को 2022 तक 36 हजार पीएम आवास के निर्माण का टारगेट दिया गया है। इनमें पहले चरण में प्राधिकरण ने 18 हजार पीएम आवास में से 11887 पीएम आवास की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) को स्वीकृति मिल चुकी है। वहीं बाकी प्रोजेक्ट की शासन व केंद्र में लटकी डीपीआर की बाधा के हटने की संभावना अब प्रबल हो गई है।
सबको सस्ते घर मुहैया की योजना पर केंद्र सरकार के तेजी से बढ़ने से लोगों को जल्द घर मिलने का सपना पूरा हो सकेगा। दूसरी ओर बीते पांच साल में मोदी सरकार के रुख को देखने हुए रियल एस्टेट में फिर से बूम आने की संभावनाओं पर संशय छाने लगा है। रियल एस्टेट क्षेत्र में वर्तमान में बिल्डर्स को अपने प्रोजेक्ट में खाली पड़े घरों को बेचने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। ऐसे में फिर से मोदी सरकार आने से पहले पीएम आवास प्रोजेक्ट में दिलचस्पी नहीं दिखाने वाले बिल्डरों के आगे आने की पूरी संभावना है।

856 पीएम आवास का निर्माण, बाकी के जल्द काम होंगे शुरू
वर्तमान में महानगर में जीडीए की ओर से केवल मधुबन बापूधाम योजना में 856 पीएम आवास के निर्माण का काम तेज गति से किया जा रहा है। मधुबन बापूधाम में बाकी दो प्रोजेक्ट में सर्वाधिक भवनों का निर्माण होना है। इनमें एक प्रोजेक्ट में 2160 व अन्य में 660 भवनों की डीपीआर को मंजूरी मिल चुकी है। आचार संहिता हटते ही इनके वर्क आर्डर होने की संभावना है। वहीं मसूरी में 1440, निवाड़ी में 528, डासना में 432, प्रताप विहार योजना में 1910 और कोयल एंक्लेव योजना में 1800 पीएम आवास का निर्माण होना है।

6 बिल्डर के 2650 आवास की डीपीआर है लटकी
पीएम आवास योजना में 6 प्राइवेट बिल्डर के 2650 भवनों की डीपीआर शासन में लटकी हुई है। प्राइवेट बिल्डर में केवल राजनगर एक्सटेंशन में एससीसी बिल्डर प्राइवेट लिमिटेड के 252 ईडब्ल्यूएस के प्रोजेक्ट को मंजूरी मिली है। इनमें सिग्नेचर ग्लोबल डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड का 873 ईडब्ल्यूएस, जय अम्बे एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड का 147 ईडब्ल्यूएस, मैसर्स अराध्यम बिल्डर्स के 251 ईडब्ल्यूएस, मैसर्स यूरेका बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड के 290 ईडब्ल्यूएस, मैसर्स एटीएस ग्रैंड रियलटर्स के 765 ईडब्ल्यूएस और मैसर्स अजनारा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के 318 ईडब्ल्यूएस की डीपीआर अभी शासन में विचाराधीन है।

भवन का बढ़ेगा एरिया, लागत में होगा इजाफा
पीएम आवास में ईडब्ल्यूएस फ्लैट का कारपेट एरिया वर्तमान में 22.77 स्क्वायर मीटर है, जिसे 29.4 स्क्वायर मीटर करने की तैयारी है। वहीं, पीएम आवास के निर्माण की बढ़ती लागत के साथ एरिया बढ़ाए जाने के चलते अब नए प्रोजेक्ट में लागत 4.50 लाख की जगह 6.50 लाख करने की तैयारी है। जिन 11883 पीएम आवास की डीपीआर स्वीकृत हो चुकी है। उन भवनों के दाम नहीं बढ़ेंगे।
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