जर्मनी डेलिगेशन पहुंचा संयुक्त जिला अस्पताल
गाजियाबाद। भारत द्वारा संचालित की जार रही विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना का जायजा लेने जर्मन डेलिगेशन गाजियाबाद पहुंचा। टीम में जर्मन एंबेसी के दो सदस्यों सहित नेशनल हेल्थ एजेंसी के तीन सदस्य भी शामिल रहे। जर्मन एंबेसी से हेड ऑफ इकोनॉमिक कोआपरेशन की मिनिस्टर क्रिस्टिना हेरोनीमस और एडवाइजर सुजैन सहित नेशनल हेल्थ एजेंसी के एडवाइजर निशांत जैन, नेशनल हेल्थ एजेंसी भारत सरकार के एडवाइजर शकील और इकोनॉमिक कोआपरेशन एंड डेवेलपमेंट की एडवाइजर गीतांजलि सूबेदार शास्त्री शामिल रहीं। डेलिगेशन ने सबसे पहले संयुक्त जिला अस्पताल में आयुष्मान के लाभार्थियों से बातचीत की उसके बाद एक निजी अस्पताल का भी दौरा किया। इन सभी ने सबसे पहले संयुक्त जिला अस्पताल में जाकर बायो मेडिकल वेस्ट रूम देखा और मेडिकल वेस्ट के डिस्पोजल की पूरी प्रक्रिया जानी। उसके बाद ट्रॉमा सेंटर पहुंचे जहां आरोग्य केंद्र में मौजूद आयुष्मान मित्रों से बातचीत की जिसमें उन्होंने गोल्ड कार्ड बनाने की पूरी प्रक्रिया जानी। उसके बाद सर्जिकल वार्ड में भर्ती मरीज से मिले। मरीज ने बताया कि एक सड़क दुर्घटना में उनके पैर में फ्रैक्चर आ गया था और पैर में समस्या आ गई थी। आयुष्मान योजना के तहत अस्पताल में उनका ऑपरेशन हुआ है। अस्पताल आयुष्मान के तहत भर्ती पांच लाभार्थियों से अलग-अलग बात की। उसके बाद सीएमएस डॉ. नरेश विज से मुलाकात कर आयुष्मान योजना का बारीकियों को जाना। साथ ही नेशनल हेल्थ एजेंसी के सदस्यों ने भी अस्पताल प्रबंधन और आयुष्मान योजना के नोडल अधिकारियों से योजना में क्या सुधार किया जा सकता है और क्या समस्याएं आ रही हैं इसकी जानकारी ली। इस दौरान जर्मन डेलिगेट्स ने अस्पताल प्रबंधन और साफ-सफाई आदि की सराहना की। जर्मन डेलिगेट्स ने बताया कि वहां एक चिकित्सक 10 से अधिक मरीजों का एक दिन में चेकअप नहीं करता है, जबकि यहां के चिकित्सक एक दिन में 150 से अधिक मरीजों का चेकअप करते हैं। अस्पताल में मरीजों की बड़ी संख्या के बावजूद अस्पताल के कुशल प्रबंधन की सराहना की। इसके बाद टीम सीएमओ डॉ. नरेंद्र गुप्ता से मिली और वहां के बाद राजनगर स्थित एक निजी अस्पताल एपेक्स में आयुष्मान के लाभार्थियों से मिली। डेलिगेट्स के साथ आयुष्मान भारत योजना के स्थानीय अधिकारी जीके मिश्रा और सूयांशु ओझा शामिल रहे।