गाजियाबाद। अवैध सामान कुरियर से ताईवान भेजने का डर दिखाकर ठगों ने इंदिरापुरम निवासी एक दंपती को डिजिटल अरेस्ट कर लिया। इसके बाद खाते में संदिग्ध गतिविधि नहीं होने के संबंध में सत्यापन के नाम पर रुपये ट्रांसफर कराकर 13 लाख रुपये ठग लिए। मामले में इंदिरापुरम वैभव खंड निवासी अंकुर श्रीवास्तव ने साइबर अपराध थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
अंकुर श्रीवास्तव का कहना है कि उनके पास मुंबई से एक कुरियर कंपनी से कॉल आई। कॉलर ने उनसे कहा कि उनके आधार कार्ड की डिटेल पर एक कुरियर ताईवान भेजा जा रहा है जिसमें संदिग्ध सामान है। कॉलर ने इसके बाद कॉल मुंबई पुलिस बताकर ट्रांसफर कर दिया। इसके बाद उस व्यक्ति ने खुद को इंस्पेक्टर विक्रम बताया और वीडियोकॉल पर लिया। कॉलर ने उनकी पत्नी को भी वीडियो कॉल पर लेने को कहा और काफी देर तक वीडियो कॉल पर ही रखा। कुछ और काम करने से मना कर दिया। एडीसीपी अपराध सच्चिदानंद ने बताया कि मामले में टीम जांच कर रही है। शातिरों को ट्रेस करने का प्रयास किया जा रहा है।
खाता का सत्यापन कराने के नाम पर ली रकम
इंस्पेक्टर के बाद उनसे डीसीपी बनकर एक व्यक्ति ने बात की। उसने उनसे कहा कि उनके बैंक खाते में कोई संदिग्ध गतिविधि तो नहीं हो रही है। इसका सत्यापन करना है। आरबीआई की नियमानुसार खाते में जमा रकम की 88 फीसदी रकम भेजनी होगी। सत्यापन के बाद वापस कर दी जाएगी। ऐसे में उन्होंने उन्हें 13 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। उन्होंने उनसे वीडियो कॉल से हटने का आग्रह किया तो शातिर ने कॉल काट दी। इसके बाद संपर्क करना बंद कर दिया। ठगी का एहसास होने पर उन्होंने पुलिस से शिकायत की।