मुरादनगर। नहर में चार दोस्तों के साथ नहाने आया 12वीं का छात्र यश गुप्ता पानी के तेज बहाव में बह गया। मंदिर के गोताखोरों ने छात्र की नहर में तलाश की, काफी कोशिश के बाद भी उसका पता नहीं चल सका।
मोदीनगर बेगमाबाद कस्बा निवासी माधव उर्फ यश (17) पुत्र सुनील गुप्ता बुधवार दोपहर अपने दोस्त वंश, आदित्य, देबू, केशव के साथ मुरादनगर गंगनहर घाट पर नहाने आया था। घाट पर अधिक भीड़ होने के कारण वह दोस्तों के साथ कच्चे घाट से आगे जाकर नहाने लगा। नहर में नहाते समय यश नहर के गहरे जल में डूबने लगा। खुद को डूबता देख उसने चिल्लाना शुरू कर दिया। चीख पुकार सुनकर घाट पर मौजूद गोताखोर मौके पर पहुंचे और छात्र को बचाने के लिए नहर में छलांग लगा दी। काफी तलाशने के बाद भी छात्र का पता नहीं चल सका। गंगनहर प्राचीन शनि मंदिर के महंत मुकेश गोस्वामी का कहना है कि बार बार अनाउंस के करने के बाद भी लोग बैरिकेटिंग से आगे जाकर नहर में स्नान करते है और दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। छात्र की तलाश के लिए एनडीआरएफ को मेल किया गया है।
पिता व छोटे भाई ने किया था मना
नहर में बहे छात्र के पिता सुनील गुप्ता मोदीनगर रेलवे रोड पर रेहड़ी पर छोले कुल्चे बेचने का काम करते हैं। परिवार में बेटा माधव उर्फ यश, प्रिंयाशु, शौर्य है। सुनील गुप्ता ने बताया कि पत्नी निशा की कोरोना में मौत हो चुकी है। माधव उर्फ यश 12वी में पढ़ रहा था। बुधवार सुबह माधव को बोला था कि 11 बजे रेहड़ी पर आना था। लेकिन वह अपने दोस्तों के साथ मुरादनगर नहर में नहाने चला गया। जबकि उसके छोटे भाई प्रियांशु ने भी उसे रोका था।
दोस्तों ने बोतल फेंक लाकर देने को कहा
पिता सुनील गुप्ता का कहना है कि माधव के दोस्तों ने प्लास्टिक की बोतल नहर में फेंककर उसे निकालकर लाने के लिए कहा था, दोस्तों के कहने पर वह नहर से बोतल निकालने के लिए गया था, जिसके कारण हादसे का शिकार हो गया। बताया कि माधव को तैरना नहीं आता था।