\n\nरोजेदार हर रोज कर रहे सलामती की दुआ\n\n- लॉक डाउन में घर बैठकर पढ़ रहे कुरान शरीफ\n\n- लोगों ने कहा पहले जहां मशरूफियत की वजह से नहीं हो पाते थे पूरे रोजे, इस बार कर रहे पूरा\n\n- इफ्तार की नहीं दे रहे दावत, घर पर भी नहीं बना रहे पकवान\n\n
माई सिटी रिपोर्टर
साहिबाबाद। रमजान का पाक महीना चल रहा है। इस बार लॉक डाउन की वजह से सभी लोग अपने घरों में है। महिला हो या पुरुष हर कोई घर पर रहते हुए जहां पांचों समय की नमाज अदा कर रहे हैं वहीं कुरान शरीफ पढ़ने में मशरूफ हैं। बहुत से लोग ऐसे भी हैं जो इस बार पहली बार सभी रोजे रखे हुए हैं। पूर्व में अपने काम की व्यस्त ता की वजह से लोग पूरे रोजे नहीं रख पाते थे।
इस बार मुस्लिम समाज के लोगों ने ईद की खुशियों को कोरोना संकट खत्म हो जाने के बाद ही मनाना तय किया है। फिलहाल ईद को सादगी से मनाया जाएगा। रोजेदारों का कहना है कि ऐसे में जब लोग एक ओर इस महामारी से मर रहे हों और लोग भूख से परेशान हों। ऐसे में ईद की खुशियां इसी में हैं कि वह सब इस पर होने वाले खर्चे को दूसरों की मदद में लगाएं। कोरोना से बचाव के लिए लोग लगातार दुआ कर रहे हैं, सबका कहना है कि कोरोना खत्म होने के बाद ही ईद और दिवाली की असल खुशियां मनाई जाएंगी।\n\n\nमैं जब से जॉब में आई हूं पूरे रोजे नहीं रख पाती। इस बार लॉकडाउन के बीच घर पर मैंने अपनी बेटी के साथ पूरे रोजे रखे हुए हैं। खास बात यह है कि इस बार मैं और मेरी बेटी हम दोनों न केवल रोजे से हैं बल्कि कुरान शरीफ भी लगातार पढ़ रहे हैं। इस बार ईद की खुशियां कोरोनों महामारी को दूर करने में ही है। हम लोग लगातार घर पर रहते हुए दुआ कर रहे हैं जल्द से जल्द हालात सामन्य हों और फिर से खुशियां लौटे। शबनम खान\n\n\n
इस बार हम सबके लिए रमजान का महीना कुछ अलग है। हर साल हम सभी लोग अपने रिश्तेदारों और दोस्तों को रोजा इफ्तार दावत देते थे। वहीं इस बार हम लोग अपने घर में भी कोई पकवान नहीं बना रहे। घर पर रहते हुए हम लोग सुबह-शाम की नमाज में यही दुआ करते हैं सब जल्दी से ठीक हो जाए। इस बार जकात और ईद पर जो खर्च होता था इस बार उसी पैसों से लोगों की मदद कर रह रहे हैं। अरीबा\n\n\n
ईद और दिवाली की खुशियां तभी है जब देश से कोरोना महामारी दूर हो जाए। इस बार लॉक डाउन की वजह से घर में हैं पूरे रोजे तो पहले भी रखते थे लेकिन इस बार फुर्सत का समय है जिसमें पांचों टाइम की नमाज के साथ ही कुरान शरीफ लगातार पढ़ रहे हैं और सभी के सलामती की दुआ कर रहे हैं। हम सब यही चाहते हैं कि अल्लाह सब पर रहम करे और इस संक्रमण बीमारी से लोगों को बचाए। शवाब अहमद\n\n\n
लॉक डाउन ने लोगों को धर्म की ओर मोड़ दिया है। हिंदू हो या मुस्लिम हर कोई अपने-अपने स्तर से दुआ कर रहा है। इस बार लॉक डाउन की वजह से घर पर रहते हुए पूरा समय भी हम लोगों के पास है। मैंने भी अपने पूरे परिवार के साथ सारे रोजे रखे हुए हैं। खुदा से यही दुआ है कि जल्द से जल्द सब ठीक हो जाए और लोग इसकी खुशी मनाएं। हिना\n\n-------------