गाजियाबाद। सिहानी गेट थाना क्षेत्र में घूकना मोड़ स्थित एक इलेक्ट्रानिक सामान के शोरूम में रविवार देर रात हुई लूट की वारदात को दो बदमाशों ने केवल दो मिनट में अंजाम दिया। बेखौफ बदमाश चेक पोस्ट से 100 मीटर दूर तमंचा लहराते हुए शोरूम का गेट खोलकर अंदर घुसे और सीधे कैश रूम में पहुंचे। जहां बदमाशों ने कहा गोली मारने की धमकी देकर मौके पर मौजूद मैनेजर योगेश शर्मा और कर्मचारी संतोष को डराया। बदमाश रात करीब 10 बजकर 10 मिनट पर अंदर घुसे और दो मिनट के भीतर वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए।
शोरूम मालिक हरसिमरन सलूजा ने बताया कि रविवार रात शोरूम में मैनेजर योगेश शर्मा और कर्मचारी संतोष मौजूद थे। पूरे दिन के कलेक्शन को गिनकर लॉकर में रख रहे थे। इसी दौरान बदमाश अंदर आए और सीधे कैश रूम मेंं पहुंचे और गोली मारने की धमकी देकर तिजोरी खुलवा ली। इसके बाद अपने साथ लाए बैग में 30 लाख रुपये की नकदी भरकर जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए।
एसीपी नंदग्राम रवि कुमार ने बताया कि मामले में थाने की टीम के साथ क्राइम ब्रांच को भी लगाया गया है। सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। शोरूम मालिक से हाल ही में निकाले गए कर्मचारियों की सूची मांगी गई है। घटनास्थल की सीसीटीवी की भी जांच की जा ही रही है। मामले में तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
मुख्य दरवाजा खोलने और कैश रूम की जानकारी होने से किसी करीबी पर शक
हरसिमरन ने बताया कि शोरूम के मुख्य गेट कुछ अलग तरीके से खुलता है। जहां लॉक भी लगा है। इसकी जानकारी स्टॉफ को ही है। रविवार रात भी दरवाजा बंद था। वारदात को अंजाम देने के लिए जिस तरह बदमाश गेट खोलकर जैसे सीधे ही कैश रूम में पहुंचे। इससे किसी करीबी पर शक गहरा रहा है। उन्होंने बताया कि कैश रूम में काफी अंदर जाकर है। बदमाश सीधे उसी कमरे में पहुंचे।
बदमाशों को पता था बिना किसी की मौजूदगी के नहीं मिल पाती नकदी
हरसिमरन का कहना है कि तिजोरी अलग मेटल की बनी है। बिना चाबी के खोलना संभव नहीं है। ऐसे में अंदेशा है कि बदमाशों को जानकारी थी अगर वह मैनेजर के निकलने के बाद जाएंगे तो तिजोरी नहीं खोल पाएंगे। ऐसे में उन्होंने मैनेजर की मौजूदगी में लूट की वारदात को अंजाम दिया है।
छोड़ गए लाखों की कीमत के आईफोन
शोरूम मालिक ने बताया कि बदमाश शातिर किस्म के थे। उन्होंने केवल नकदी ही लूटी। तिजोरी में नकदी से ज्यादा कीमत के आईफोन रखे थे। पकड़े जाने के डर से बदमाश उन्हें छोड़कर केवल नकदी लूटकर भागे।
छह साल पहले हुआ था डकैती का प्रयास
हरसिमरन सलूजा ने बताया कि करीब छह साल पहले भी यहां डकैती डालने का प्रयास हुआ था। बदमाशों ने गार्ड को बंधक बनाकर अंजाम देने की कोशिश की थी, लेकिन कुछ लोगों के देखने, शोर मचाने और पुलिस को सूचना देने पर आरोपी फरार हो गए थे।