इसके बाद योगेश झांसे में आ गया और रकम जमा करवा दी। कुछ दिन बाद अमित बंसल ने फोन कर एनओसी के लिए 22,500 रुपये जमा कराने के लिए। योगेश ने फिर रुपये जमा करा दिए। इसके बाद जीएसटी के नाम पर उससे 30,510 रुपये मांगे जाने लगे। शक होने पर योगेश ने जांच की तो हकीकत का पता चला। योगेश की शिकातय पर साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। थाना प्रभारी खेमेंद्र पाल सिंह, एसआई अली अकरम व अन्यों की टीम ने टेक्निकल सर्विलांस और जिन खातों में रकम ट्रांसफर हुई उनकी जांच की आरोपियों की पहचान कर पुलिस ने नोएडा सेक्टर-2 में फर्जी कॉल सेंटर में छापा मारकर सरगना और 13 टेलीकॉलर को गिरफ्तार कर लिया।
पहले खुद करता था कॉल सेंटर में नौकरी
सद्दाम शेख ने बताया कि पहले वह कॉल सेंटर में नौकरी करता था। वहां उसे पता चला कि कैसे ठगी की जा सकती है। इसके बाद उसने खुद का कॉल सेंटर बना लिया। उसे फर्जी पतों पर सिमकार्ड, बैंक खाते के अलावा पॉलिसी लैप्स वाले ग्राहकों की जानकारी यश उपलब्ध कराता था। यश अपना हिस्सा रखने के बाद ठगी की रकम एटीएम से निकालकर देता था। सभी टेलीकॉलर को सद्दाम ने सैलरी पर रखा हुआ था। एक साल के दौरान आरोपियों ने 200 लोगों से रुपये ऐंठे हैं। आरोपी के खातों की जांच से कुछ समय में एक करोड़ से अधिक की रकम आने का पता चला है। पुलिस सद्दाम से पूछताछ कर उसके साथी यश की तलाश कर रही है।