कोतवाली थाना पुलिस ने पुरानी दिल्ली के बाजारों में आने वाले कलेक्शन एजेंटों से नकदी चुराने वाले गुजराती गैंग का खुलासा किया है। पुलिस ने गैंग की एक महिला समेत तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से दो लाख रुपये, छह मोबाइल फोन, गहने काटने का कटर और तराजू बरामद किया है। पुलिस गैंग के फरार तीन बदमाशों की धर पकड़ के लिए दबिश दे रही है।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि वेस्ट राम नगर सोनीपत निवासी साहिल ने 6 मार्च को कोतवाली थाने में थैले से पांच लाख रुपये चोरी होने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि वह एक फर्म में काम करते हैं और चांदनी चौक के एक कारोबारी से पेमेंट लेकर जा रहे थे। उन्होंने बताया कि तीन बजे वह लालकिला चौक से ई-रिक्शा पर सवार हुए। जिसकी पिछली सीट पर पहले से तीन महिलाएं बैठी थीं और चालक के साथ दो लोग बैठे थे। निषाद राज टी-प्वाइंट पर उतरने के बाद उनके बैग से रुपये गायब मिले।
थाना प्रभारी जतन सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने पूरे रास्ते के 150 सीसीटीवी कैमरे की जांच की। फुटेज में बिना नंबर प्लेट का ई-रिक्शा दिखा जिसपर साहिल बैठे थे। ई-रिक्शा पर बुर्का पहनकर तीन महिलाएं पहले बैठी हुई थीं। सीसीटीवी फुटेज से पुलिस ने चालक की पहचान श्याम के रूप में की। जिसके खिलाफ पश्चिम विहार थाने में चोरी का एक मामला दर्ज है। डोजियर से पहचान करने के बाद उसके साथियों की तलाश की, लेकिन सभी आरोपी के पते फर्जी निकले।
तकनीकी निगरानी के जरिए पुलिस ने 23 मार्च को वारदात में शामिल रोहित को रघुवीर नगर से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने बताया कि उसने ही साहिल के रुपये लेकर जाने की सूचना अपने साथियों को दी थी। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर मंगोलपुर गांव से पूजा और अक्षय को गिरफ्तार कर लिया।