नॉर्थ दिल्ली पुलिस ने गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के नाम पर रंगदारी के लिए कॉल करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है और चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट की डीसीपी निहारिका भट्ट ने कहा, 'जिन लोगों की पहचान की गई थी, उनमें से कई को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरिफ इस साजिश का मास्टरमाइंड निकला जो पानीपत जेल में गोल्डी बराड़ गैंग के सदस्यों के संपर्क में था। उसने अपने दोस्त मुबारक के साथ मिलकर एक योजना बनाई कि यूएई (दुबई) में रहने वाले अपने एक परिचित, आरिश से फोन कॉल करवाकर वो ठेकेदारों से रंगदारी वसूलेंगे। इस मामले में कई गिरफ्तारियां हुई हैं। आरिफ ने गोल्डी बराड़ से सीधे बात करने के बारे में कोई जानकारी नहीं दी; हालांकि, उसने यह जरूर बताया कि जेल में उसकी मुलाकात गोल्डी बराड़ गैंग के सदस्यों से हुई थी। उन्हीं के साथ बातचीत के दौरान उसे यह विचार आया कि गोल्डी बराड़ गैंग के नाम पर रंगदारी वसूलकर वह काफी पैसे कमा सकता है।"