वोरले पारसन कंपनी के नाम पर फंसाया
आरोपियों ने पूछताछ में साइबर सेल पुलिस को बताया कि ऑस्ट्रेलिया की वोरले पारसर कंपनी में काम दिलाने के नाम पर लोगों को फंसाते थे। लोगों को सोशल मीडिया, फर्जी कॉलिंग व ईमेल पर जानकारी भेजकर ऑफर देते। लोगों से खुद को नौकरी डॉट के ह्यूमन रिसोर्स(एचआर) से होने का हवाला देते थे। संपर्क में आए बेरोजगार व नौकरीपेशा लोगों से रिज्यूम लेते थे। उसके बाद बकायदा साक्षात्कार भी करवाते थे। जॉब लेटर देकर पंजीकरण, मेडिकल, वीजा आदि के नाम पर लाखों रुपये की धनराशि लेते थे। गिरोह करीब तीन साल में 100 से ज्यादा लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी कर चुका है।
14 बार में हड़पे थे 12.88 लाख रुपये
29 नवंबर को क्रासिंग रिपब्लिक थाने में स्थानीय निवासी नवीन वर्मा ने धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था। उन्होंने बताया कि उनके पास अजय दीक्षित, बालाजी ने ऑस्ट्रेलिया की वोरले पारसन कंपनी में नौकरी के दिलाने नाम पर 14 बार में 12.84 लाख रुपये फेडरल बैंक खाते में डलवाए थे। वहीं शालीमार गार्डन एक्सटेंशन एक निवासी बाल नारायण द्विवेदी ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया में जॉब के नाम पर राहुल शर्मा, केए बालाजी व राजीब दुबे नाम के व्यक्ति ने तीन बार में 3.12 लाख रुपये लिए। पैसे देने से मना करने पर तीनों ने फोन बंद कर लिया।
बीटेक व एमकॉम चलाते थे गिरोह
1. विनय नेगी-- मूल निवासी मेरठ व हाल पता खोड़ा, शिक्षा-बीटेक, उम्र-32 वर्ष
2. देवेश-- मूल निवासी आगरा व हाल पता लाल कुआं, शिक्षा-बीए, उम्र-36 वर्ष
3. अजय-- मूल निवासी दिल्ली दयालपुरी, शिक्षा- बीए, उम्र-25 वर्ष
4. कुलदीप त्यागी-- मूल निवासी डूंडाहेड़ा, शिक्षा-बीकॉम, उम्र 25 वर्ष
5. गौरव श्रीवास्तव-- मूल निवासी छपरौला गौतमबुद्धनगर, शिक्षा एमकॉम, उम्र-26 वर्ष
6. अंकुर-- मूल निवासी फिरोजाबाद व हाल पता डूंडाहेड़ा, शिक्षा-12वीं, उम्र 26 वर्ष