लोग गंदे पानी से परेशान हैं। लोग मजबूरन बाहर से बोतलें खरीदकर पानी पीने को मजबूर हैं। निवासियों का कहना है कि नल में अगर साफ पानी आ जाए तो गणेश नगर के लोग खुशहाल जीवन जी पाएंगे। इलाके में सीवर की भी बड़ी समस्या है।
मानसून को गए कई माह बीत चुके हैं, लेकिन अभी भी उनके घरों में गंदा पानी घुस आता है। सफाई के बाद सीवर व नालियां दूसरे-तीसरे दिन लबालब हो जाती हैं। इससे बच्चे, बड़े-बूढ़े सभी परेशान हैं। आए दिन उन्हें घर की सफाई करनी पड़ती है। लोगों ने दिवाली पर भी डर था कि कहीं सीवर से गंदा पानी घर के अंदर न आ जाए।
स्थानीय निवासियों ने अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में रोजमर्रा की समस्याओं पर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि उनकी समस्याओं में चोरी, महिला सुरक्षा, बिजली व पानी के बढ़ा चढ़ाकर सौंपे गए बिल आदि हैं। जहां एक ओर वह नल से लेकर चौखट तक गंदे पानी से परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर आए दिन होने वाली चोरियों ने भी उनकी नींद उड़ा रखी है। उनके यहां से कई लोगों की इलेक्ट्रिक बाइक की बैटरी, साइकिल और अन्य कीमती वस्तुओं की चोरी हो चुकी है।
उनके मुताबिक, शिकायत करने पर भी इस पर कोई सुनवाई भी नहीं हुई। चोरी से उनकी परेशानी बढ़ती जा रही है। रात में चोरी के अलावा, इलाके में शराबियों का आतंक भी है। महिलाओं का कहना है कि वह घर लौटने वक्त या रात में कहीं बाहर जाते वक्त असुरक्षित महसूस करती हैं। उन्होंने इलाके में मौजूद डिस्पेंसरी में भारी भीड़ होने के कारण निजी मेडिकल व अस्पतालों में मजबूरन रुख करने की बात भी कही।
इलाके में सीवर की बड़ी समस्या है। आए दिन गलियों व घरों में गंदा पानी भर जाता है। हमें सुनने वाला कोई नहीं है। जब समस्या बहुत बड़ी हो जाती है तब कोई आता है और नालियों में डंडी मारकर चला जाता है। लेकिन दो दिन बाद फिर वही स्थिति बन जाती है।
-रेनू गुप्ता
मैं किराए पर रहता हूं। किचन में आए दिन गंदा पानी घुस आता है।भोजन बनाते वक्त या खाते वक्त बदबू आती है। नल में पीने का पानी भी बहुत गंदा आता है।
- दिलीप कुमार गुप्ता
पानी और नालियों की समस्या पर प्रशासन को वाकई में विचार करना चाहिए। घरों में जब पानी भर जाता है तो बच्चे ईंटों पर चलते हैं। उस समय का मंजर बहुत भयानक होता है।
-ममता पाल
नल में पानी देखने के हम मोहताज हो गए हैं। बावजूद इसके पानी का बिल बहुत ज्यादा आता है। मोटर घूमता रहता है, पानी एक बाल्टी तक नहीं भरती है। उसका बिल अलग परेशानी है। बढ़ा-चढ़ाकर हमें बिजली व पानी के बिल भेजे जा रहे हैं। इलाके के लोग बहुत परेशान हैं।
- ममता तिवारी
आज से 28 साल पहले के दिनों की याद करता हूं। उस समय 24 घंटे यहां पानी आता था। आज पानी नहीं आता है। आती भी है तो उसे हम सूंघ नहीं सकते हैं, उससे इतनी बदबू आती है। सड़क बहुत ऊंची होती जा रही है, इससे सीवर का पानी घरों में घुस आता है।
- गुरदास गुप्ता