केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि गांवों में समृद्धि आने से ही देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और भारत आत्मनिर्भर बनेगा। इसके लिए ग्रामीण व कृषि अर्थव्यवस्था में निवेश जरूरी है। गडकरी मंगलवार को नई दिल्ली के होटल क्लेरिजस में अमर उजाला संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। गडकरी का मानना है कि ग्रामीण भारत का विकास होने से लोग शहरों से गांव की ओर लौटेंगे।
अर्थव्यवस्था में विसंगति को रेखांकित करते हुए केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा, पहले देश की 90 फीसदी आबादी गांवों में रहती थी। अब यह 65 फीसदी रह गई है। इस वक्त कृषि क्षेत्र का देश की अर्थव्यवस्था में योगदान 12 फीसदी है, जबकि विनिर्माण और सेवा क्षेत्र का योगदान क्रमशः 22-24 फीसदी और 52-54 फीसदी है। यह देश की अर्थव्यवस्था में विसंगति है। अगर देश को आत्मनिर्भर बनना है, तो ग्रामीण, कृषि, आदिवासी और जंगल पर विशेष ध्यान देना होगा।
कृषि क्षेत्र की संभावनाओं पर गडकरी ने कहा, तटीय क्षेत्र व नदी का जितना अपने देश में विस्तार है, उससे मछली पालन उद्योग 7-8 लाख करोड़ रुपये हो सकता है। 22 लाख करोड़ रुपये की जीवाश्म ईंधन इंडस्ट्री है। दुग्ध उद्योग में भी बहुत संभावना है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस हिसाब से देखें तो किसान अन्नदाता ही नहीं, ऊर्जा दाता, बिटुमेन दाता, हवाई ईंधन दाता और हाइड्रोजन दाता भी हो सकता है। हालांकि इसके लिए गांवों में दस लाख करोड़ रुपये तक निवेश की जरूरत है, तभी भारतीय गांव स्मार्ट बनेंगे। गांवों का जब विकास होगा तो लोग शहर से गांव की ओर लौटेंगे। युवाओं को गांव में रोजगार मिलेगा। फसलों को सही दाम मिलेगा और प्रति व्यक्ति आय बढ़ेगी।
विकसित भारत के लिए गांवों में निवेश
अगर देश को आत्मनिर्भर बनना है तो सबसे पहले ग्रामीण, कृषि, आदिवासी और जंगल पर विशेष ध्यान देना होगा। 2047 तक विकसित भारत के लिए जल, जंगल, जमीन और जानवर का दुनिया की अत्याधुनिक तकनीक से स्वदेशी मॉडल पर विकास करना होगा। - नितिन गडकरी, केंद्रीय परिवहन मंत्री
पीएम ग्रामीण सड़क योजना के सूत्रधार
केंद्रीय मंत्री ने बताया, 2000 तक देश के 6.50 लाख गांवों में से 10 फीसदी गांवों तक कायदे की सड़क नहीं थी। ऐसे में कृषि उत्पाद बाजार तक कैसे पहुंचता। शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था भी नहीं थी। लोग मजबूरन गांवों से पलायन कर रहे थे। 2002-03 में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने उनको गांवों में सड़क की जिम्मेदारी दी। अधिकारियों की हीला-हवाली के बावजूद प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना तैयार हुई और आज गांव-गांव सड़क मार्ग से जुड़ गए हैं।
वाटर ग्रिड बनाना होगा
गडकरी ने कहा, देश में पानी की कमी नहीं है, लेकिन ठीक से इस्तेमाल करना जरूरी है। वाटर ग्रिड बनाने की जरूरत है। जहां पानी ज्यादा है, वहां से पानी उन इलाकों में भेजने की जरूरत है, जहां कमी है। पानी का नियोजन करना होगा। इसके संरक्षण पर भी ध्यान देना महत्वपूर्ण है। उन्होंने अपने घर पर पानी की बचत का उदाहरण देते हुए कहा कि उस पानी का इस्तेमाल फसलों में होता है। इससे ग्राउंड वाटर रिचार्ज बढ़ा है। इस प्रकार अगर हर कोई ध्यान दे तो भूमिगत पानी बढ़ेगा।