चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के जी-20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा न लेने की घोषणा के बाद तिब्बतियों के एक समूह ने नई दिल्ली में कोई विरोध-प्रदर्शन न करने का फैसला किया है। तिब्बतियन पार्लियामेंट इन एक्साइल के एक प्रतिनिधि ने कहा हम जिनपिंग के सम्मेलन में शामिल होने के विरोध में प्रदर्शन करने की योजना बना रहे थे।
निर्वासित तिब्बतियों के संगठन के सदस्य दावा त्सेरिंग ने कहा कि अब चूंकि जिनपिंग इस सम्मेलन में शामिल नहीं होने वाले हैं, इसलिए हम प्रदर्शन नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि उनके संगठन का चीनी प्रतिनिधियों के खिलाफ आंदोलन का कोई इरादा नहीं है। जिनपिंग से नाराजगी के संदर्भ में उनका कहना था कि वह जबसे सत्ता में आए हैं, भारत सरकार और भारतीय लोगों को भड़का रहे हैं। उन्होंने कहा, हम उम्मीद करते हैं कि भारत सरकार चीनी विस्तारवादी नीति के खिलाफ दृढ़ता से खड़ी होगी।
उन्होंने आगे कहा कि जी-20 बैठक में दक्षिण एशियाई देशों के प्रतिनिधिमंडलों को भी चीनी नीति के खिलाफ खड़ा होना चाहिए। साथ ही सुझाया कि भारतीयों को कम्युनिस्ट देश के सामान का बहिष्कार करना चाहिए। यह पूछने पर जाने पर कि क्या वह भारत में चीनी उत्पादों पर सरकारी प्रतिबंध की वकालत करेंगे, त्सेरिंग ने कहा कि सरकार के लिए ऐसा करना मुश्किल होगा। ऐसा आंदोलन आम लोगों के स्तर पर शुरू होना चाहिए।