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एक साथ जलीं चार चिताएं: दो महिलाएं और उनके दो बच्चों की हादसे में मौत, पत्नी-बेटे की मौत से अभी बेखबर है बलराज

Sat, 11 Feb 2023 08:59 PM IST
आकाश दुबे संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल

सार

मरने वालों में दो परिवारों के मां-बेटा व मां-बेटी शामिल थे। दोनों महिलाएं सगी बहनें थीं, जो अपने पति व बच्चों के साथ भात के कार्यक्रम में जा रही थीं। हादसे में पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें से तीन की हालत गंभीर बनी हुई है।
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मृतका मंजू व रेखा का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पलवल के गांव कमरावली से राजस्थान के जयपुर में भात भरने जा रहे एक परिवार की खुशियां पलक झपकते ही मातम में बदल गईं। तेज रफ्तार के कहर ने दो परिवारों को उजाड़ कर रख दिया। दिल्ली-वड़ोदरा एक्सप्रेस वे पर हुए हादसे में गांव कमरावली निवासी दो बच्चों सहित चार की मौत हो गई। हादसे का कारण तेज रफ्तार बताया जा रहा है। मरने वालों में मां-बेटा व मां-बेटी शामिल थीं। दोनों महिलाएं सगी बहनें थीं, जो अपने पति व बच्चों के साथ भात के कार्यक्रम में जा रही थीं। हादसे में पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें से तीन की हालत गंभीर बनी हुई है। गांव के साथ पूरे बैसलात क्षेत्र में शोक का माहौल है। हादसे की सूचना मिलते ही गांव कमरावली में पड़ोसी गांवों व रिश्तेदारों की भीड़ लग गई।

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दरअसल, गांव कमरावली निवासी श्रीया की बेटी इंद्रेश राजस्थान के जयपुर में रहती हैं। इंद्रेश के बेटे शिवम की 16 फरवरी को शादी है। 10 फरवरी शुक्रवार की शाम को लगन-सगाई के दौरान भात भरने का कार्यक्रम था। इंद्रेश का भाई सतपाल पूरे परिवार के साथ 10 फरवरी की सुबह भात भरने के लिए निकले थे। एक गाड़ी में सतपाल के चाचा गिर्राज के दोनों बेटे बलराम व देवेंद्र अपनी पत्नियों व बच्चों के साथ भात में जा रहे थे। 

गाड़ी में बलराज व उसकी 35 वर्षीय पत्नी मंजू, 15 वर्षीय बेटा मन्नू, देवेंद्र व उसकी 32 वर्षीय पत्नी रेखा, उसकी 12 वर्षीय बेटी अंशिका, दिशा, कल्पना व बेटा मानव सवार था। गाड़ी को बलराज चला रहा था। दिल्ली-वड़ोदरा एक्सप्रेस वे पर अलवर के गांव पिनान के समीप ओवरटेक के दौरान गाड़ी अनियंत्रित होकर पलट गई। इस दौरान गाड़ी में सवार परिवार के सभी सदस्य घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए अलवर के राजीव गांधी सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने मंजू व उसके बेटे मन्नू तथा रेखा व उसकी बेटी अंशिका को मृत घोषित कर दिया। घायल बलराज, देवेंद्र, मानव की हालत गंभीर होने के चलते रेफर कर दिया गया। दिशा व कल्पना की हालत सामान्य बताई जा रही है।

इकलौते बेटे व पत्नी की मौत से बेखबर है बलराज 
वड़ोदरा एक्सप्रेस वे पर हुए हादसे में गंभीर रूप से घायल हुआ बलराज अपने इकलौते बेटे मन्नू व पत्नी मंजू की मौत से बेखबर है। हालत गंभीर होने के कारण उसे तो अपने ऊपर पड़े दुखों के पहाड़ तक की जानकारी नहीं है। जिस इकलौते बेटे को उसने बड़े नाजों से पाला था, वह काल के गाल में समा गया। उसे ढांढस बंधाने वाली पत्नी भी उसी के साथ चली गई। बलराज के सगे भाई देवेंद्र पर भी कुदरत ने रहम नहीं खाया। हादसे में उसकी 33 वर्षीय पत्नी रेखा व बेटी अंशिका परिवार को छोड़कर चली गई। अब वह अपनी दोनों बेटियों व बेटे को बिना मां के किस तरह पालेगा, इसका जबाब भी किसी के पास नहीं है।  

खाटू श्याम जाने का था कार्यक्रम, एक माह पहले ली थी गाड़ी
परिजनों के अनुसार, बलराज ने एक माह पहले ही मारूति कंपनी की इग्निस गाड़ी खरीदी थी। नई गाड़ी के साथ पूरे परिवार ने खाटू श्याम के दर्शन करने का कार्यक्रम बनाया था। पूरे परिवार का जयपुर भात भरने के बाद खाटू श्याम जाने का कार्यक्रम था। बलराज पहली बार गाड़ी को इतनी लंबी दूरी के लिए ले जा रहा था। पूरे परिवार के लिए भात कार्यक्रम किसी सैर-सपाटे से कम नहीं था। रास्ते में परिवार के साथ फोटो लेते हुए सभी जा रहे थे। 
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सफर के दौरान वीडियो सोशल मीडिया पर भी डाला गया था, जिसमें गाड़ी की स्पीड काफी ज्यादा दिखाई दे रही थी। तेज गति होने के कारण गाड़ी अनियंत्रित हो गई और परिवार हादसे का शिकार हो गया। शनिवार को अलवर में पोस्टमार्टम के बाद शाम करीब चार बजे चारों के शव गांव कमरावली पहुंचे। शवों के पहुंचते ही गांव में चीख-पुकार मच गई। परिवार के सदस्य शवों से लिपट कर विलाप कर रहे थे। इस दृश्य को देखकर मौके पर मौजूद हर कोई गमगीन था। अंतिम संस्कार के दौरान भारी संख्या में क्षेत्र के लोग मौजूद रहे।
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