ग्राहकों को कम ब्याज दर पर लोन देने का झांसा देकर ठगने वाले 13 जालसाजों को बाहरी जिला पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इसमें तीन महिलाएं भी शामिल हैं। आरोपी मंगोलपुर कलां में फर्जी कॉल सेंटर चलाकर ठगी कर रहे थे। दो साल में आरोपियों ने देशभर में करीब दो करोड़ रुपये की ठगी की है। आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने 13 फोन, लैपटॉप और 12 रजिस्टर बरामद किए है।
जिला के स्पेशल स्टाफ को 18 मई को फर्जी कॉल सेंटर चलने की जानकारी मिली। निरीक्षक प्रवीण कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने मंगोलपुर कलां की गली नंबर 25बी के एक मकान पर छापा मारा। यहां एक कमरे में कॉल सेंटर चल रहा था। पुलिस ने यहां से तीन महिलाओं समेत 13 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। जांच में पता चला कि कॉल सेंटर का मालिक बादली गांव निवासी पुनीत है। वह बादली गांव के राहुल पाल के साथ मिलकर फर्जी कॉल सेंटर चला रहा था। राहुल और गोविंदा यहां टेली कॉलिंग करने वालों के टीम लीडर के तौर पर काम कर रहे थे।
गिरफ्तार अन्य लोगों की पहचान जगतपुरी निवासी शुभम, हर्ष विहार निवासी नितिन, शाहबाद डेयरी निवासी सचिन, बादली निवासी अमन, चंदन, विकास, वजीराबाद निवासी दिलशाद, बेगमपुर निवासी प्रीति, सुल्तानपुरी निवासी प्रिया और दौलतपुर निवासी गुंजन के रूप में हुई है।पूछताछ में पुनीत ने बताया कि उसने महालक्ष्मी फाइनेंस के नाम से कंपनी पंजीकृत की थी। उनके मोबाइल पर सुलेखा एप के जरिए कर्ज लेने वाले ग्राहकों की कॉल आती थी। सुलेखा एप से मोबाइल नंबर मिलने के बाद पुनीत उसे अपने कर्मचारियों को देता था।
बिजनेस व पर्सनल लोन के नाम पर ऐंठते थे पैसे
जिला पुलिस उपायुक्त हरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि पुनीत और राहुल गिरोह के मास्टरमाइंड हैं। आरोपी दो साल से फर्जी बिजनेस लोन और पर्सनल लोन देने का झांसा देकर ठगी कर रहे थे। उन्होंने फर्जी बैंक खाते भी खोल रखे थे और धोखाधड़ी के लिए फर्जी सिम कार्डों का इस्तेमाल करते थे। आरोपियों ने देशभर के लोगों से 2 करोड़ रुपये ठगे हैं।