ग्रेटर फरीदाबाद के सेक्टर-89 में फ्लैट देने का झांसा देकर त्रिवेणी बिल्डर ने गुरुग्राम स्थित बीएसएफ फैमिली वेलफेयर सोसायटी से 53.89 करोड़ रुपये ठग लिए और बाद में फ्लैट देने से इंकार कर दिया। इतना ही नहीं इन्हीं बिल्डरों ने एक फर्जी कंपनी बनाकर दिल्ली की सोसायटी से भी 43 करोड़ रुपये हड़प लिए। आर्थिक अपराध शाखा ने जांच के बाद भूपानी थाने में बिल्डर के खिलाफ धोखाधड़ी व हरियाणा डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन ऑफ अरबन एरिया एक्ट के तहत मामला दर्ज करवाया है।
पुलिस को दी शिकायत में बीएसएफ फैमिली वेलफेयर सोसायटी के सचिव आजाद सिंह कटारिया ने बताया कि गुरुग्राम स्थित सोसायटी में सीमा सुरक्षा बल के सेवारत व सेवानिवृत्त अधिकारियों के अलावा अर्द्ध सैनिक बलों के अधिकारी व जवान रहते हैं। कटारिया के अनुसार दिसंबर 2006 में मैसर्स त्रिवेणी फैरस इंफ्रास्ट्रक्चर व त्रिवेणी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट लिमिटेड के निदेशक सुमित व मधुर मित्तल ने उनसे मुलाकात की थी।
इन्होंने बताया कि ग्रेटर फरीदाबाद सेक्टर-89 के अंतर्गत गांव रिवाजपुर और टिकावली में वे हाउसिंग प्रोजेक्ट बना रहे हैं और उनके पास सरकार से सभी तरह की अनुमति है। इनकी बातों में आकर सोसायटी के 142 सदस्यों ने बुकिंग करवा ली। इसके बाद अलग -अलग समय पर इनसे 53.89 करोड़ रुपये ले लिए। लेकिन बाद में उन्हें पता चला कि न तो बिल्डर के पास कोई लाइसेंस था और न ही बुकिंग का हक था।