शाहबाद डेयरी इलाके में एक कारोबारी ने जीएसटी रेड के बाद अपनी कंपनी बंद होने से हुए घाटे को पूरा करने के लिए लूटपाट की योजना बनाई। इस साजिश के तहत, उसने अपने एक व्यावसायिक साझेदार को 40 लाख रुपये का भुगतान किया। इसके तुरंत बाद, कारोबारी के साथियों ने उस व्यक्ति से पैसे लूट लिए।
बाहरी उत्तरी जिला पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए तकनीकी जांच के आधार पर कारोबारी अमित अग्रवाल सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटी गई 40 लाख रुपये की नकदी, एक पिस्टल, कारतूस, और वारदात में इस्तेमाल की गई स्कूटी व कार भी बरामद कर ली है। यह लूटपाट 19 जनवरी को शाहबाद डेयरी इलाके में हुई थी।
पुलिस उपायुक्त हरेश्वर वी स्वामी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमित अग्रवाल, सुरेंद्र सिंह, विरेंद्र कुमार और पवन शर्मा के रूप में हुई है। अमित अग्रवाल पदमावती इंटरप्राइजेज नाम से स्क्रैप डीलिंग का व्यवसाय चलाता था।
जीएसटी रेड के बाद कंपनी के बंद होने से उसे भारी नुकसान हुआ था, जिसे पूरा करने के लिए उसने इस आपराधिक कृत्य को अंजाम दिया। अन्य गिरफ्तार आरोपी उसकी मदद कर रहे थे। पुलिस ने आरोपियों से 40 लाख रुपये नकद, एक पिस्टल, कारतूस, वारदात में प्रयुक्त स्कूटी और कार बरामद की है। यह बरामदगी पुलिस की सक्रियता और उत्कृष्ट जांच का परिणाम है।
बदमाशों ने 19 जनवरी को शाहबाद डेयरी इलाके में इस लूटपाट की घटना को अंजाम दिया था। घटना के बाद पुलिस को सूचना मिली और तुरंत कार्रवाई शुरू की गई। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और चश्मदीदों से पूछताछ की।
इसके बाद, तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान की और उन्हें धर दबोचा। पुलिस की इस तत्परता से न केवल लूटी गई राशि की बरामदगी हुई, बल्कि अपराधियों को भी सलाखों के पीछे पहुंचाया गया। यह घटना व्यावसायिक जगत में बढ़ते अपराधों की ओर भी इशारा करती है।