मामला दर्जकर साइबर थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर विकास कुमार बुलडक की देखरेख में एक टीम ने जांच शुरू की। पुलिस टीम ने उन 11 बैंक खातों को पता किया जिनमें ठगी की रकम गई थी। मनी ट्रेल का बैंकिंग डेटा, पंजीकृत फोन नंबर, मेल आईडी और आईपी डेटा एकत्र किया गया। सब-इंस्पेक्टर जगदीप नारा की टीम ने सूरत, अहमदाबाद, चित्तौडग़ढ़ और बड़ा बाजार कोलकाता डब्ल्यूबी में संभावित स्थानों पर छापे मारे। रिकॉर्ड के अनुसार श्री राधे एंटरप्राइज का चालू बैंक खाता जीएसटी नंबर, उद्यम प्रमाण पत्र के साथ खुला था, जो सूरज, गुजरात निवासी निकुंज अश्विनभाई मकवाना पुत्र अश्विनभाई (29) के नाम पर पंजीकृत मिला। इसको गिरफ्तार कर लिया गया। इस पुलिस टीम ने पोस्ता कोलकाता में छापा मारकर आदित्य सोनकर को गिरफ्तार किया गया।
4.28 करोड़ का हुआ लेनदेन
आरोपी आदित्य ने बताया कि उसने अपना बैंक अकाउंट किट के साथ जुड़ी सिम, लॉगिन क्रेडेंशियल्स कथित सुमित शॉ को बेच दिए थे। फरवरी 2024 में जालसाजों ने बड़े पैमाने पर बैंक खातों का इस्तेमाल किया। इस बैंक खातों के लेकर 15 से अधिक एनसीआरपी शिकायतें दर्ज पाई गई। इस बैंक खाते में लगभग 4.28 करोड़ रुपये का बड़ा लेनदेन हुआ है। इसके बाद आरोपी सुमित शॉ को गिरफ्तार किया कर लिया। इसके बाद आरोपी चेतन सिंह राणावत को गिरफ्तार कर लिया।
बैंक खाता बेचकर पैसे कमाना चाहता था
कम पढ़े लिखे आरोपी निकुंज मकवाना ने बताया कि वह सूरत में एक फैक्टरी में काम करता है। उसे पता चला कि वह चालू बैंक खाते बेचकर आसानी से पैसे कमा सकता है। इस पर उसने अपने दो चालू बैंक खाते खोले और अपने सहयोगी चेतन राणावत को दिए। वह कमीशन के आधार पर टेलीग्राम एप्लीकेशन के जरिए चालू बैंक खाते से डील करता था। आरोपी आदित्य सोनकर एक ज्वेलरी शॉप में काम करता है और अपने दोस्त सुमित शॉ के कहने पर उसने चालू बैंक खाते को प्रतिशत के आधार पर कोलकाता के घोटालेबाजों को सप्लाई किया।
स्नातक किया हुआ है
चित्तौडग़ढ़, राजस्थान निवासी चेतन सिंह राणावत(33) पुत्र भंवर सिंह राणावत और बड़ाबाजार कोलकाता सुमित शॉ (23) पुत्र राम बिलास शॉ ने स्नातक किया हुआ है।