राउज एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश के पूर्व विधायक किशोर समरीते को अपनी अधूरी मांगों को लेकर संसद को उड़ाने की धमकी देने के लिए छह महीने जेल की सजा सुनाई। विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने कहा कि दोषी को आईपीसी की धारा 506 (II) के तहत अपराध के लिए 6 महीने की सजा सुनाई गई है। साथ ही, 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
संसद भवन में 16 सितंबर, 2022 को स्पीड पोस्ट के माध्यम से एक पार्सल प्राप्त हुआ था, जिसमें विस्फोटकों से संबंधित कुछ संदिग्ध पदार्थ, एक भारतीय ध्वज और संविधान की एक प्रति थी। न्यायाधीश ने कहा कि बालाघाट के लांजी से पूर्व विधायक समरीते ने संसद भवन को उड़ाने की धमकी देने वाला पत्र, आग लगाकर संपत्ति को नष्ट करने की धमकी है, इसलिए उन्हें भारतीय दंड संहिता की धारा 506 के भाग II के तहत दोषी ठहराया जा सकता है।
हालांकि, न्यायाधीश ने विस्फोटक अधिनियम के तहत समरीते को आरोप से बरी कर दिया, यह देखते हुए कि विचाराधीन पदार्थ अधिनियम के तहत विस्फोटक नहीं है। समरीते की पैरवी अधिवक्ता मनीष कुमार चौधरी ने की। दिसंबर 2022 में अदालत ने आरोपी को यह कहते हुए जमानत दे दी कि संसद को उड़ाने की धमकी से किसी प्रकार का विस्फोट या जान-माल की हानि नहीं हुई।