बिजनेस कॉन्क्लेव में पूर्व मुख्य न्यायाधीश गोगोई
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जजों की नियुक्ति में संख्या नहीं, बल्कि सही पद के लिए सही व्यक्ति का चयन जरूरी है। अधिक न्यायाधीशों की नियुक्ति करने से समस्या का समाधान नहीं होता। इसके लिए सही मानसिकता वाले सही व्यक्ति की आवश्यकता है। न्यायाधीश की नौकरी जीवन भर की प्रतिबद्धता है। यह बातें पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगाई ने श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स में आयोजित बिजनेस कॉन्क्लेव में छात्रों को संबोधित करते हुए कहीं। तीन दिवसीय बिजनेस कॉन्क्लेव में अमर उजाला नॉलेज पार्टनर की भूमिका निभा रहा है।
डीयू के नामी श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स में बृहस्पतिवार को बिजनेस कॉन्क्लेव का 16वां संस्करण शुरू हुआ। इसमें पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को भी पहुंचना था, लेकिन वह किसी कारणवश नहीं पहुंचे। ऐसे में मुख्य वक्ता के रूप में पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगाई ने आर्थिक उन्नति और राष्ट्र निर्माण में भारतीय न्यायपालिका की भूमिका पर छात्रों से बातचीत की।
उन्होंने छात्रों से कहा कि हर कोई गलती करता है, लेकिन जरूरी है कि हम अपनी गलती को सुधारें। छात्रों के कुशल न्यायपालिका के सवाल पर उन्होंने कहा कि देश व अर्थव्यवस्था की प्रगति अत्यधिक कुशल और कार्यशील न्यायपालिका पर निर्भर करती है। उन्होंने छात्रों को सही गलत का चयन करने की सलाह दी। इस दौरान छात्रों ने उनसे राज्य व केंद्र के रिश्तों में कोर्ट कैसे निष्पक्ष रहते हैं, संवेदनशील मामलों में कोर्ट का रुख कैसा रहता है व न्यायिक सक्रियता को लेकर भी सवाल किए।
इस काॅन्क्लेव में कांग्रेस नेता सचिन पायलट भी छात्रों से रूबरू हुए। उन्होंने राजनीति को लेकर अपने परिपेक्ष्य के संबंध में छात्रों से बात की। पायलट ने मणिपुर की इरोम शर्मिला के राजनीति के संघर्ष पर बोलते हुए भारतीय राजनीति की हकीकत बताई। इस दौरान एसडीए बकौनी स्कूल ऑफ मैनेजमेंट एशिया सेंटर के डीन प्रो. डेविड ने छात्रों को अपने करियर के साथ उद्यमी बनने के गुर बताए।
कॉन्क्लेव में अगले सप्ताह रिलीज होने वाली फिल्म ‘मडगांव एक्सप्रेस’ के अभिनेता व अभिनेत्री नोरा फतेही, दिवेंदु, प्रतीक के साथ फिल्म के निर्देशक कुणाल खेमू भी छात्रों के बीच पहुंचे। उन्होंने छात्रों से अपनी फिल्म को लेकर बातचीत की।