वहीं, दमकल की 20 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, लेकिन रास्ते संकरे और जगह-जगह खड़ी कारों की वजह से दमकल कर्मियों को राहत और बचाव कार्य में खासी मशक्कत का सामना करना पड़ा। मुख्य सड़क से करीब 200 मीटर पाइप जोड़कर पानी मदरसे तक पहुंचाया गया। बाद में धीरे-धीरे गाड़ियां मौके पर पहुंचीं।
आग पर काबू पाने के दौरान दो बड़े एलपीजी सिलिंडर फटने से दमकलकर्मी प्रदीप और रियाजुद्दीन झुलस गए। दोनों को इलाज के लिए हेडगेवार अस्पताल में भर्ती कराया गया है। करीब सवा दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। फिलहाल देर रात तक मौके पर कूलिंग का काम जारी था। जगतपुरी थाना पुलिस के अलावा क्राइम टीम मौके से साक्ष्य जुटाने में लगी थी। शुरुआती जांच के बाद बिजली के मीटर से आग लगने की जानकारी मिली है। दमकल कर्मियों ने मदरसे के रसोई से बुरी तरह जले हुए छह सिलिंडर बाहर निकाले हैं।
छात्राओं की रहने की व्यवस्था है
पुलिस के मुताबिक, न्यू ब्रिजपुरी, गली नंबर-6 में जामिया फातिमा के नाम से लड़कियों का मदरसा है। मदरसे के मालिक मोहम्मद इरफान हैं। यहां दिल्ली के अलग-अलग इलाकों की करीब 100 लड़कियां पढ़ाई करने के अलावा रहती भी हैं। उनके खाने-पीने की व्यवस्था भी मदरसे में ही होती है। मदरसे के भूतल पर रसोई बनी हुई है। ऊपरी मंजिलों में पढ़ने के इंतजाम के अलावा छात्राओं के रहने की व्यवस्था है।
चीखने की आवाज सुनकर पड़ोसी भागे
आग लगते ही चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनकर पड़ोसी मदद को भागे। पड़ोसियों ने आसपास की इमारतों को खाली करवा लिया। इसके बाद मोहल्ले के कई लोग लड़कियों को बचाने में जुट गए। आग की वजह से पूरे मदरसे में धुंआ भर गया था, लेकिन लोगों ने समय रहते सभी को बाहर निकाल लिया।
घटना स्थल पर पहुंचने में दमकल कर्मियों के छूटे पसीने
मदरसे में आग लगने और 100 बच्चियों के फंसने की सूचना मिलते ही लक्ष्मी नगर और गीता कालोनी दमकल केंद्र से तुरंत मौके पर गाड़ियां पहुंच गईं। जहां आग लगी थी, वहां लगभग 20 फुट चौड़ी रोड थी, लेकिन लोगों ने अतिक्रमण किया हुआ था। गली में कारें खड़ी थीं। इसके अलावा तीव्र मोड़ होने से भी गाड़ी मुड़ नहीं पा रही थीं। ऐसे में दमकल अधिकारी फिरोज खान ने पटपड़गंज रोड पर मौजूद कब्रिस्तान की ओर से करीब 200 मीटर पाइप जोड़कर पानी पहुंचाया।