उत्तर-पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद इलाके में रविवार तड़के कूलर की दुकान में भीषण आग लग गई। दुकान में बड़ी संख्या में प्लास्टिक के कूलर मौजूद थे। इसकी वजह से देखते ही देखते आग की लपटें तेज हो गईं। हादसे में दुकान के ऊपर बने तीन मंजिला मकान मेंं मौजूद एक ही परिवार के 11 लोग फंस गए। खबर मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस व दमकल की आठ गाड़ियों ने किसी तरह आग पर काबू पाया। हादसे में पिता-पुत्र झुलस गए, जबकि इनके परिवार के नौ अन्य लोग धुएं की चपेट में आकर अचेत हो गए। सभी को पीसीआर और एंबुलेंस की मदद से जग प्रवेश चंद अस्पताल ले जाया गया, जहां से दो को जीटीबी अस्पताल रेफर कर दिया गया।
शुरुआती जांच के बाद पुलिस आशंका जता रही है कि शाॅर्ट सर्किट की वजह से आग लगी। जांच के दौरान पता चला कि भूतल पर बनी दुकान और बेसमेंट में प्लास्टिक के कूलर रखे हुए थे। ज्वलनशील पदार्थ होने की वजह से देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
दिल्ली फायर सर्विस के निदेशक अतुल गर्ग ने बताया कि रविवार सुबह करीब 5.53 बजे उनकी टीम को सूचना मिली कि रोड नंबर-66, जाफराबाद गली नंबर-11 पर दुकान में आग लगी है। ऊपर कुछ लोग फंस गए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस के अलावा दमकल की आठ गाड़ियों को मौके पर भेजा गया।
करीब 30 गज की इमारत में बेसमेंट में गोदाम बनाने के अलावा भूतल पर दुकान बनी थी। इसके अलावा ऊपर तीन मंजिला मकान बना हुआ था। दुकान में आग लगी तो उसकी लपटे और धुंआ ऊपरी मंजिलों तक जाने लगा। ऊपर मौजूद एक ही परिवार के 11 से अधिक लोग वहां पहुंच गए। किसी तरह आग पर काबू पाया गया।
बाद में अलाउद्दीन (78), इनके बेटे सलाउद्दीन (43), इनकी पत्नी खुशनुमा (38), बेटी फायजा (14), आफिया (12), बेटा सऊद (6), अलाउद्दीन के दूसरे बेटे नईमुद्दीन, इनकी पत्नी बिलकिस, अलाउद्दीन का तीसरे बेटे मोइनुद्दीन और दो बेटी नगमा और हिना को किसी तरह इमारत से निकाला गया। हादसे में बुजुर्ग अलाउद्दीन और इनके बेटे सलाउद्दीन झुलस गए। बाकी सभी धुएं की चपेट में आकर अचेत हो गए थे। दोनों पिता-पुत्र को जीटीबी अस्पताल में रेफर किया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस आग की सही वजहों का पता लगाने का प्रयास कर रही है। सीसीटीवी कैमरों से पड़ताल की जा रही है।