दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने ग्राम घोंडा गुजरान खादर के यमुना पुश्ता क्षेत्र में स्थित अपनी भूमि पर किए गए अतिक्रमण करने वालों को अंतिम चेतावनी जारी करते हुए नोटिस भेजा है। डीडीए ने स्पष्ट किया है कि 1 जुलाई 2026 तक भूमि खाली कर दें। यदि तय समय सीमा के भीतर अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो 2 जुलाई से विशेष अभियान चलाकर अवैध कब्जे हटाए जाएंगे। नोटिस में लिखा है कि अभियान के दौरान किसी प्रकार के सामान, निर्माण या अन्य संपत्ति को नुकसान होता है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित व्यक्ति की होगी। इस नोटिस पर ग्रामीणों में चिंता का माहौल है।
नोटिस में दी हुई समयसीमा को लोगों ने बेहद कम बताया है। साथ ही चिंता जताई है कि इससे कई परिवारों के सामने इस भीषण गर्मी में बेघर होने का संकट खड़ा हो गया है। क्षेत्र में कई परिवार वर्षों से रह रहे हैं और जगह खाली करने के निर्देश से ग्रामीणों में दुविधा की स्थिति है। इन लोगों का कहना है कि डीडीए को कार्रवाई से पहले परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था पर विचार करना चाहिए और प्रशासन को ग्रामीणों की समस्या का समाधान निकालना चाहिए।
ग्रामीणों का कहना है कि बिना पर्याप्त समय और वैकल्पिक व्यवस्था के कार्रवाई होने पर बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ेगा। ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि जगह डीडीए की है तो भी मानवीय आधार पर उनको पर्याप्त समय दिया जाए, ताकि वह अपने सामान और परिवार के लिए सुरक्षित व्यवस्था कर सकें।