इस पर बेटी ने अपनी मां को सारी आपबीती बतायी तो घर में झगड़े शुरू हो गए। तब पिता धमकी देने लगा कि वो बेटी के प्राइवेट पार्ट में चाकू या शराब की टूटी बोतल से हमला करने की धमकी देने लगा। पति की धमकी से मां तो चुप्पी साधने को मजबूर हुई ही, बेटी ने भी आवाज उठाना छोड़कर पिता का अत्याचार सहना शुरू कर दिया ताकि घर में कलह न हो।
आरोपी पिता की क्रूरता का पता इस बात से लगाया जा सकता है कि उसकी वजह से बेटी दो बार गर्भवती हुई। पहली बार 2011 में उसने पीड़िता को दवाई खिलाकर बच्चा गिराया। जब बेटी दूसरी बार साल 2013 में गर्भवती हुई तो उसने इंसानियत की सभी सीमाएं लांघते हुए बेटी के बच्चादानी पर प्रहार कर बच्चे को गिरा दिया।
बीच-बीच में जब पीड़िता हंगामा करती तो पिता कुछ दिन के शांत हो जाता लेकिन फिर वह अपनी हरकतों पर उतर आता। पिता ने खुद ही नहीं अपने दोस्त के साथ भी बेटी को सोने के लिए मजबूर किया और वो भी एक नहीं कई बार।
पीड़िता ने कई बार अपनी जिंदगी से तंग आकर आत्महत्या करने की कोशिश की लेकिन मां ने उसे बचा लिया। जब कहीं कोई रास्ता न दिखा तो उसने अपने फेसबुक फ्रेंड को सारी बातें बता दीं और मदद के लिए गुहार लगाई। पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार उसने पहली बार 2015 में अपने फेसबुक फ्रेंड को सारी आपबीती बतायी। उसने बीते 25 जुलाई को दोस्त से कहा कि वह उसे इस दलदल से निकाले वरना वो अपनी जान दे देगी।
अपने दोस्त की मदद से घर से भागकर वह नागपुर चली गई। 16 सितंबर को पीड़िता ने वहां चाइल्ड लाइन में अपने पिता की शिकायत की, जिसके बाद नागपुर पुलिस ने पिता के खिलाफ जीरो एफआईआर दर्ज कर केस दिल्ली पुलिस को ट्रांसफर कर दिया।
पीड़िता के दिल्ली आने के बाद पालम पुलिस ने 30 सितंबर को आरोपी पिता के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। पुलिस ने अभी तक आरोपी पिता को गिरफ्तार नहीं किया है। इस समय पीड़िता की उम्र 17 वर्ष है और वह 12वीं कक्षा की छात्रा बताई जा रही है।