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कोर्ट का बड़ा फैसलाः ‘आईपीएस पति गुजारा भत्ते के रूप में पत्नी को 25, बेटे को 20 हजार दे’

Thu, 05 Jul 2018 05:20 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद
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छात्रा को आज कोर्ट में पेश किया जाएगा
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ओडिशा में तैनात एक आईपीएस अफसर की पत्नी ने पति से गुजारा भत्ता लेने के लिए कोर्ट में केस दायर किया था। बुधवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-2 के न्यायाधीश अभिषेक श्रीवास्तव की अदालत ने आईपीएस अफसर को आदेश दिया है कि वह प्रत्येक महीने अपनी पत्नी को 25 हजार रुपये और बेटे को 20 हजार रुपये दें।

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कोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार इंदिरापुरम की एक सोसायटी में रहने वाले अशोक कुमार ने अपनी बेटी मीनल अग्रवाल की शादी 12 मार्च 2007 को बांका, बिहार निवासी जेएन पंकज के साथ की थी।

जेएन पंकज आईपीएस अफसर हैं और इन दिनों ओडिशा के एसपी विजिलेंस के पद पर तैनात हैं। मीनल का आरोप था कि जेएन पंकज का परिवार शादी में मिले दहेज से खुश नहीं था। पति व ससुराल के लोग उससे दहेज में कार की डिमांड करने लगे।
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फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-2 ने सुनाया फैसला, ओडिशा में तैनात है पति 
दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर पति व ससुराल के लोग मीनल का उत्पीड़न करने लगे। इस बीच मीनल ने एक बेटे (अर्चित) को जन्म दिया। अर्चित पांचवीं कक्षा का छात्र है। मीनल परेशान होकर पति का घर छोड़कर अपने मायके में आकर रहने लगी थीं। मीनल ने भरण पोषण के लिए गुजारा भत्ते की मांग करते हुए कोर्ट में मुकदमा दायर किया।

करीब आठ साल चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने जेएन पंकज को आदेश दिया है कि वह हर महीने मीनल को 25 हजार रुपये और बेटे अर्चित को 20 हजार रुपये गुजारा भत्ते के रूप में दें। उधर, जेएन पंकज ने अदालत में तलाक का मुकदमा दायर किया हुआ है, जिसकी सुनवाई कोर्ट में विचाराधीन है।

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