बोले - भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों से देश की जनता परेशान
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। ज्वाइंट ट्रेड यूनियन काउंसिल ने बुधवार को महापड़ाव का ऐलान किया था। केंद्रीय श्रमिक संगठनों एवं कर्मचारी फेडरेशनों के आह्वान पर नौ अगस्त को भारत छोड़ो आंदोलन के मौके पर लघु सचिवालय स्थित उपायुक्त कार्यालय के सामने 24 घंटे का महापड़ाव शुरू कर दिया गया।
महापड़ाव के आरंभ में यूनियन के नेताओं ने बताया कि भाजपा सरकार की मजदूर किसान कर्मचारी और जनविरोधी नीतियों से देश की जनता का बड़ा हिस्सा परेशान है। नेताओं ने बताया कि बढ़ती आबादी और घटती आमदनी के स्रोतों की वजह से आम लोगों की क्रय शक्ति समाप्त हो रही है, क्योंकि उनके वेतन और भत्तों में बढ़ोतरी नहीं की जाती है। महंगाई लगातार बढ़ रही है। खाद्य पदार्थों की कीमतें आसमान छूने लगी हैं। मौसमी सब्जियों की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। टमाटर की कीमत इतनी बढ़ गई है कि आम आदमी उसको खरीद भी नहीं सकता है। बेरोजगारी तेजी से बढ़ रही है।
महापड़ाव की अध्यक्षता एटक के विशम्बर सिंह, इंटक के हुकमचंद वैनीवाल, एचएमएस के आरडी यादव, सर्व कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष करतार सिंह जागलान आईसीटीयू के कामरेड जवाहरलाल बैंक के नेता कामरेड करिपा राम शर्मा ने संयुक्त रूप से की। जबकि, संचालन कन्वीनर वीरेंद्र सिंह डंगवाल ने किया। उन्होंनेकिहा कि सरकार की इन नीतियों के खिलाफ पूरे देश में महापड़ाव आज से डाले जा रहे हैं। महापड़ाव के मुद्दों में चारों लेबर कोड्स रद्द करना, न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपये मासिक करना, बेरोजगारों को रोजगार देना,सरकारी विभागों में रिक्त पड़े पदों को सीधी भर्ती द्वारा भरना। कंपनी सहित सरकारी विभागों में ठेका प्रथा को समाप्त करना। परियोजना कर्मियों सहित सभी प्रकार के अस्थाई कर्मचारियों को पक्का करना समेत अन्य मांगे हैं। महापड़ाव को एटक के आरएन सिंह,एसडी त्यागी, कृपाराम शर्मा, जवाहरलाल, आशा वर्कर यूनियन की हेमलता, बेचु गिरी, नरेश शास्त्री, प्रधान गुरूचरण खाडियां, वीरेंद्र पाल, विजय झा, सुधा, राजपाल डांगी, नवल सिंह, दिनेश,नरेश, एसकेएस के बलबीर बालगुहेर, रविन्द्र नागर, मास्टर भीम सिंह, सुभाष देशवाल आदि ने संबोधित किया।