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Faridabad News: यमुना किनारे तीन रेनीवेल से शहर में पानी की आपूर्ति होगी बेहतर

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संवाद न्यूज एजेंसी
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फरीदाबाद। यमुना किनारे गांव मोठूका और भीकूका में तीन रेनीवेल लगाने की तैैयारियां शुरू हो गई हैं। एफएमडीए ने जांच में तीनों जगहों पर पर्याप्त मात्रा में पानी पाया है। तीनों रेनीवेल पर करीब 52.41 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इनके तैयार होने के बाद बल्लभगढ़ और एनआईटी क्षेत्र के करीब पांच लाख से अधिक परिवारों को पर्याप्त मात्रा में पेयजल मिल सकेगा।
पेयजल की कमी को दूर करने के लिए एफएमडीए की ओर से यमुना किनारे चरणवद्ध तरीके से 11 रेनीवेल लगाने पर काम कर रहा है। पहले चरण में मोठूका और भीकूका में तीन रेनीवेल लगाए जाएंगे। इसके लिए एफएमडीए की ओर से जगह तय कर ली गई है। इन जगहों पर पहली बार की जांच में पर्याप्त पानी मिला है। ऐसे में एफएमडीए रेनीवेल लगाने की दिशा में कदम बढ़ा दिया गया है। हालांकि अक्टूबर में एक बार और पानी की उपलब्धता को लेकर मिट्टी की जांच होगी। एफएमडीए के मुख्य अभियंता विशाल बंसल ने बताया इसके लिए जगह की पहचान कर ली गई है। जल्द ही सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएंगी। योजना के अनुसार पानी वाली जगहों पर एफएमडीए किसानों या पंचायत से खरीदकर रेनीवेल लगवाएगा। पहले एक निजी एजेंसी की मदद से लगाने की योजना बनाई गई थी, जोकि सिरे नहीं चढ़ सकी। इसके बाद खुद जगह लेने का एफएमडीए ने निर्णय लिया है। तीन रेनीवेल से करीब 30 एमलएडी पानी और बढ़ जाएगा। प्रत्येक रेनीवेल की 10-10 एमएलडी पानी की क्षमता होगी। फिलहाल शहर में करीब 100 एमएलडी पेयजल की कमी है। इस कमी को दूर करने के लिए फिलहाल तीन नए रेनीवेल लगाने की योजना को मंजूरी मिली है। रेनीवेल परियोजनाओं को सीएम पहले ही मंजूरी दे चुके हैं।
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450 एमएलडी पेयजल की जरूरत है।
शहर में अभी 450 एमएलडी पेयजल की जरूरत है लेकिन लोगों को मात्र 325 एमएलडी ही पानी मिल पा रहा है। इस कमी को दूर करने के लिए यमुना से सटे गांवों में 11 रेनीवेल लगाने की योजना है। इसे लगने के बाद करीब 120 एमएलडी पानी की वृद्धि हो जाएगी। रेनीवेल के लिए टेंडर जारी होने के बाद भी कई अन्य औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ती हैं। एक अनुमान के अनुसार वर्ष 2031 तक जिले में करीब 1200 एमएलडी पेयजल की जरूरत पड़ेगी। विभाग के प्रयास के बावजूद मात्र 700 एमएलडी ही पेयजल उपलब्ध हो सकेगा। इसे ध्यान में रखते हुए एफएमडीए ने अभी से ही तैयारियां शुरू कर दी हैं। दूसरी ओर पेयजल उपलब्धता बढ़ाने पर जोर है ताकि भू-जल दोहन को कम किया जा सके।
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वर्जन

रेनीवेल के लिए जगह तय कर ली गई है। इसे लेकर काम शुरू कर दिया गया है। बीच में यमुना नदी में बाढ़ आने से काम में देरी हुई थी। तीनों रेनीवेल लगाने से शहर में पानी की सप्लाई बढ़ जाएगी।
- विशाल बंसल, मुख्य अभियंता एफएमडीए।
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