संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। गांव नीमका स्थित पशु चिकित्सालय में नाले का पानी भरा होने की वजह से पशुओं का उपचार नहीं हो पा रहा है। कर्मचारी गांव में पशु पालक के घरों पर जाकर उपचार करने को मजबूर है। पहले गांव पंचायत के अंदर आता था, लेकिन अब गांव नगर निगम के अंदर आ गया है। इस समस्या को लेकर नगर निगम के अधिकारियों को कई बार इस समस्या के बारे में अवगत करवाया लेकिन कोई समाधान नहीं निकाला गया।
पशु चिकित्सालय में गांव नीमका में गांव फजौपुर, गांव फरीदपुर, गांव बूपगढ़ के पशु पालक भी अपने पशुओं का उपचार करवाने के लिए आते हैं। पशु चिकित्सालय में एक पशु चिकित्सा एवं पशुधन विकास सहायक (वीएलडीए) व एक कर्मचारी कार्यरत है। गांव नीमका में किसी प्रकार की सीवर लाइन नहीं होने की वजह से नालियां का पानी पशु चिकित्सालय में भर रहा है। इसकी वजह से कर्मचारियों को महामारी फैलने का डर तो है ही साथ पशुपालन भी उपचार के लिए उनको घर पर बुलाते हैं। पशु चिकित्सालय में हर रोज 10 से 12 पशु उपचार करवाने के लिए आते है। जिनका उपचार अस्पताल के बाद सड़क पर खड़े होकर किया जाता है।
खराब हो चुकी है बिल्डिंग
गांव नीमका में स्थित पशु चिकित्सालय की बिल्डिंग जर्जर हो चुकी है। उसके खराब भी घोषित कर दिया है लेकिन उसके बावजूद भी उसको तोड़ नहीं गया है। कर्मचारी डर कर कार्य करते है। इसको लेकर उन्होंने अपने अधिकारियों को कई बार लिखित व मौखिक तौर पर शिकायत की जा चुकी है।
नगर निगम नहीं कर रहा साफ
गांव नगर निगम के अंदर आने के बाद काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। नाले के पानी की समस्या को लेकर कई बार नगर निगम के स्वच्छता सर्वेक्षण को अवगत करवाया जा चुका है, लेकिन कोई समाधान नहीं किया गया।
- राजबेल देशवाल, वीएलडीए
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जिन अधिकारी के अंदर गांव आता है उनके बेटे की शादी है। इसलिए वह छुट्टी पर है। उनके आते ही समस्या का समाधान तुरंत प्रभाव से करवा दिया जाएगा।
- ओपी कर्दम, कार्यकारी अभियंता, नगर निगम