फरीदाबाद। क्राइम ब्रांच-85 की टीम ने वाहनों के फर्जी कागजात तैयार कर बैंक से धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी वाहनों के नाम पर लोन लेते थे। आरोपियों में सतेंद्र उर्फ सत्ता उर्फ विक्रांत, जितेंद्र, हरसिमरत, राहुल और आरिफ के नाम शामिल हैं।
आरोपी राहुल यूपी के मुजफ्फरनगर का और अन्य फरीदाबाद के रहने वाले हैं। क्राइम ब्रांच प्रभारी इंस्पेक्टर जगमिंदर ने बताया कि एसआई भूपेंद्र की अगुवाई में क्राइम ब्रांच ने 25 जुलाई को आरोपी सतेंद्र को आई 20 गाड़ी सहित गिरफ्तार किया था। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि यह कार उसने फर्जी तरीके से कागजात तैयार करके लोन पर ली थी। आरोपी के खिलाफ बीपीटीपी थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया गया। आरोपी को अदालत से 4 दिन के रिमांड पर लिया गया। पूछताछ के बाद आरोपी के चार साथियों को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया गया। गिरोह का मुख्य आरोपी जितेंद्र है। आरोपी पहले एचडीएफसी बैंक में लोन डिपार्टमेंट में काम करता था। यहां से उसे पता लगा कि लोग फर्जी कागजात तैयार करके कैसे लोन पर कार खरीदते हैं। उसने खुद ही फर्जी कागजात बनाकर लोन पर कार खरीदने की योजना बनाई। दो साल पहले उसने बैंक की नौकरी छोड़ दी और साथियों के साथ मिलकर धोखाधड़ी करने लगा।
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दिहाड़ी मजदूरों के नाम पर बनवाते थे कागजात
आरोपियों से पूछताछ में सामने आया कि आरोपी आधार कार्ड पर मजदूरी करने वाले किसी भी व्यक्ति के आधार कार्ड में उसका पता बदलकर फर्जी बैंक अकाउंट खुलवा देते थे। बैंक अकाउंट के माध्यम से लोन पर कार खरीदते थे। इसके बाद लोन पर खरीदी कार को बिना कागजी कार्रवाई के सस्ते दामों पर आरोपी राहुल को बेच देते थे। राहुल गाड़ियां आगे महंगे दामों पर बेच देता था। इस प्रकार फर्जीवाड़ा कर आरोपी 8 गाड़ियां तथा 1 बुलेट मोटरसाइकिल खरीद चुके थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 3 कार, 1 बुलेट बाइक तथा 3.88 लाख रुपये बरामद किए हैं। आरोपियों के कब्जे से 5 कार और बरामद की जाएंगी। पूछताछ के बाद आरोपी सतेन्द्र, हरसिमरत, जितेंद्र व राहुल को जेल भेज दिया गया। आरिफ को सोमवार को गिरफ्तार किया गया था। उसे अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा ताकि कारों की बरामदगी की जा सके।