जहां आज के समय में लोगों के पास किसी के लिए दो मिनट की फुर्सत नहीं है, वहीं जिले में दो महिलाओं ने बुधवार को ड्यूटी छोड़ इंसानियत की एक मिसाल कायम की है। असावटी रेलवे ट्रैक पर बुधवार सुबह एक 17 वर्षीय लड़की चलती ट्रेन से नीचे गिर गई। ट्रेन से गिरने के बाद उसकी हालत काफी गंभीर हो गई।
20 वर्षीय युवती ने अपना नाम रिया बताया, जो दिल्ली के न्यू चंचल पार्क की गली नंबर-9 की निवासी है। उसने बताया कि वह दिल्ली रेलवे स्टेशन से ट्रेन में बैठकर बिहार अपने घर जा रही थी, लेकिन असावटी रेलवे स्टेशन पर ट्रेन धीमी हुई तो वह गिर पड़ी।
वह कोच के गेट पर खड़ी थी। गिरने से वह घायल हो गई। वहां पर हिमांशी और लक्ष्मी दो महिला भी दूसरी ट्रेन से उतरी थी। दोनों ने पुलिस को इस युवती के गिरने के बारे में बताया। पुलिस ने उसका इलाज कराया, लेकिन दोनों महिलाएं उसे फरीदाबाद रेलवे स्टेशन के जीआरपी थाने लेकर पहुंची ताकि युवती अपने घर सुरक्षित पहुंच सके। पुलिस ने घायल युवती से बात कर उसके परिजनों से संपर्क किया।
सिर और चेहरे से खून बहने लगा। उसकी मदद को पहले कोई नहीं आया। इतने में लड़की की हालत देख असावटी निवासी बबिता और हिमांशी उसके पास पहुंची। उन दोनों को देख लड़की सहम गई। दोनों महिलाएं लड़की की मदद करना चाहती थी, लेकिन मानसिक रूप से कमजोर लड़की भागने लगी।
हिमांशी और बबिता ने असावटी रेलवे पर मौजूद कर्मचारियों को लड़की की जानकारी दी। दोनों ही महिलाएं युवती के पीछे-पीछे चलती रहीं। रेलवे कर्मचारी प्राथमिक उपचार करने के लिए पहुंचे तो वह फिर भागने लगी। बबिता और हिमांशी ने लड़की से बात की और उसे समझाया। वह प्राथमिक उपचार के लिए मान गई। जीआरपी को इसकी सूचना दी गई।
असावटी में महिला कांस्टेबल मौजूद नहीं रहने के कारण लड़की को ओल्ड फरीदाबाद जीआरपी थाने आना था। बबिता और हिमांशी असावटी निवासी हैं लेकिन ओल्ड फरीदाबाद रेलवे स्टेशन के नजदीक ही काम करती हैं। रोजाना उनका असावटी से ओल्ड फरीदाबाद आना-जाना होता था। दोनों लड़की को ओल्ड फरीदाबाद रेलवे स्टेशन असावटी से लेकर आईं।
यहां जीआरपी थाने में तैनात महिला एसआई सुदेश कुमारी से मिलीं और मामले की अधिक जानकारी दी। लड़की नाम के अलावा कुछ बता नहीं पा रही थी। बड़ी मुश्किल से उसने अपनी बहन का नंबर बताया। सुदेश कुमारी ने युवती की बहन को फोन कर हादसे की जानकारी दी। सुदेश कुमारी ने बताया कि 17 वर्षीय लड़की दिल्ली निवासी है। वह दो दिन से घर से लापता थी।
परिवार ने स्थानीय थाने में गुमशुदगी की एफआईआर भी दर्ज करवाई थी। शरीर पर छह टांके आए हैं। पीड़िता की मां बिमला ने बताया कि मानसिक रूप से कमजोर है। दो दिन पहले भाई-बहन को स्कूल छोड़ने के लिए निकली थी। तब से वापस नहीं लौटी। परिवार मूलरूप से बिहार का रहने वाला है। काफी महीने से लड़की की दवाइयां चल रही हैं। नींद की गोली लेनी पड़ती है।
पिता अवनीश ने बताया कि वह दसवीं कक्षा में स्कूल छोड़कर भाग गई थी। बिहार में वह शिक्षा हासिल कर रही थी। परिवार दो माह पहले ही बिहार से दिल्ली उसे लेकर आया था। परिवार ने बबिता और हिमांशी का धन्यवाद किया।