कर्मचारियों की सूझबूझ से लोगों की मदद से आरोपियों को पकड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। एटीएम में छेड़खानी करके पैसे निकालने के मामले में पुलिस ने पलवल निवासी तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। कर्मचारियों की सूझबूझ के कारण लोगों की मदद से तीनों को गिरफ्तार किया गया। थाना सिटी पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों की पहचान वाहिद, राहुल खान और अंजुम खान के रूप में हुई।
दिल्ली निवासी गौरव बैसला ने बताया कि एक निजी कंपनी में बतौर लीगल एडवाजर कार्यरत है। बल्लभगढ़ की हिताची कंपनी के एटीएम व एक्सिस बैंक के एटीएम की देखभाल हिताची कंपनी करती है। 19 मई को हेडक्वार्टर मुंबई से फोन आया कि कंपनी के दो एटीएम बोहरा पब्लिक स्कूल रोड भगत सिंह काॅलोनी और गायत्री मन्दिर रोड चावला कालोनी में दो-तीन लड़के बूथ के अंदर घुसकर एटीएम से छेड़खानी कर रहे हैं। आरोपी पेचकस से तोड़कर एटीएम के अंदर पत्ती (जिसमें पैसे निकल कर फंस जाते है) लगा रहे हैं। जिसके बाद ग्राहक एटीएम से जैसे ही अपना कार्ड डालते तो पैसे बाहर न आकर उसमें फंस जाते थे, जिसके बाद आरोपी ग्राहक के जाने पर पेचकस व अन्य नुकीली चीज से पैसों को निकाल लेते थे। एटीएम बूथ में तैनात सुरक्षाकर्मी को इसकी सूचना दी जिसके बाद कर्मचारियों को मुंबई से आई फुटेज उनके फोन पर भेजी जिसके बाद महेश लांबा जोकि चैनल एग्जीक्यूटिव पद पर कार्यरत है, उन्होंने एटीएम चेक किए। दोनों कर्मचारी चेक करते हुए एटीएम गायत्री मंदिर रोड चावला कॉलोनी पर पहुंचे, तो वहां पर दो लड़के एटीएम के अंदर पेचकस से तोड़कर छेड़खानी कर रहे थे। दोनों कर्मचारियों ने शोर मचाकर लोगों की मदद लेकर पकड़ लिया। दोनों लड़के भागने लगे और गिर गए जिसके कारण दोनों को चोट आई। आरोपियों को पकड़ कर पुलिस को सूचना दे दी। थाना सिटी प्रभारी सत्यवान ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों का नाम वाहिद, राहुल खान और अंजुम खान, जोकि पलवल के रहने वाले हैं। शनिवार को कोर्ट में पेश कर दो दिन की रिमांड पर लिया गया।
पुराने एटीएम को बनाते थे निशाना
प्रभारी सत्यवान ने बताया कि आरोपियों द्वारा उन एटीएम को निशाना बनाया जाता था जोकि काफी पुराने हो चुके हैं। इसके अलावा ऐसे एटीएम को चुनते हैं, जिसमें पैसे निकलने पर आवाज नहीं आती थी। पूछताछ में अन्य मामलों के खुलासा होने की उम्मीद है।
ऐसे करते थे वारदात
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि स्टील की एक पतली सी शीट का इस्तेमाल करके उसे एटीएम में पैसे निकलने वाली जगह पर लगा दिया जाता है जिसके बाद ग्राहक जब पैसों को निकालने के लिए जाता, तो पैसे उक्त पत्ती में जाकर फंस जाते। लोग सोचते कि मशीन खराब है। बाहर बैठे ठग मौका देकर पैसे निकाल कर फरार हो जाते थे।