- निगम के पास 11 हजार शिकायतें लंबित, सरकारी अवकाश में भी खुले निगम के कार्यालय
- तीन जोन कार्यालयों में एक दिन में 200 लोगों ने जमा कराए 17 लाख रुपये
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। ब्याज पर 30 फीसदी की छूट के साथ संपत्ति कर भरने के लिए सोमवार को काफी लोग नगर निगम कार्यालय पहुंचे। हालांकि कई की प्रॉपर्टी आईडी सही नहीं होने पर कर नहीं भर सके। एनआईटी जोन एक, दो और तीन में शाम चार बजे तक करीब 200 लोगों ने 17 लाख रुपये जमा कराया। वहीं, ओल्ड फरीदाबाद और बल्लभगढ़ जोन में भी गृहकर जमा हुए। हालांकि प्रॉपर्टी आईडी में त्रुटियां होने से हजारों लोग छूट का लाभ नहीं उठा सके। निगम के पास प्रॉपर्टी आईडी से संबंधित करीब 11 हजार शिकायतें लंबित हैं।
नगर निगम के क्षेत्रीय कराधान एनआईटी पदम सिंह ढांडा ने बताया कि 31 जुलाई तक छूट के साथ संपत्ति कर जमा करने का अंतिम दिन था। उन्होंने बताया कि सोमवार को अवकाश होने पर भी निगम के कार्यालय देर शाम तक खुले रहे। इस दौरान काफी लोगों से योजना का लाभ उठाया। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार वर्तमान वित्तीय वर्ष में कर वसूली पर जोर दे रही है। इसके तहत पहले शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने गृह कर पर लगे ब्याज पर दस फीसदी तक छूट देने की घोषणा की थी। इसके बाद हरियाणा सरकार ने प्रॉपर्टी टैक्स की राशि 31 जुलाई 2023 तक जमा कराने पर ब्याज राशि में 30 प्रतिशत छूट देने का निर्णय लिया था। छूट के लाभ उठाने के लिए नगर निगम ने प्रचार-प्रसार कराया था ताकि ज्यादा लोग इस योजना का लाभ उठा सके। सोमवार को तीन जोनों के जेडटीओ अपने स्तर पर लोगों की शिकायतें दूर कर गृहकर भरवाने में लोगों की मदद की। नगर निगम में सुबह से दोपहर तक गृहकर जमा करने वालों की भीड़ लगी रही। हालांकि कई लोगोें की प्रॉपर्टी आईडी में सही नहीं होने से कर जमा करने में पेरशानी हुई। नगर निगम मुख्यालय बीके चौक पर नगर निगम ने कर जमा कराने के लिए दो काउंटर खुले रहे। शाम चार बजे तक तीनों जोन से करीब 200 लोगों ने करीब 17 लाख रुपये जमा कराया। वहीं, बल्लभगढ़ और ओल्ड फरीदाबाद जोन में में भी 250 लोगों ने शाम तक कर जमा कराया।
-
हड़ताल से बढ़ी परेशानी
लिपिकों की हड़ताल से नगर निगम में प्रॉपर्टी आईडी सुधार का कार्य काफी प्रभावित है। इससे संबंधित करीब 11 हजार शिकायतें लंबित पड़ी हुई है। पहले गृह कर जमा कराने का काम भी बंद चल रहा था, इस पर निगम ने दूसरे की आईडी से कार्य शुरू कराया था। वहीं, प्रॉपर्टी आईडी में सुधार का कार्य करीब 27 दिन से बंद पड़ा है। लोगों को प्रॉपर्टी आईडी ठीक कराने के लिए धक्के खाने पड़ रहे हैं। इससे ये लोग सरकार की गृह कर में छूट लेने के लाभ से वंचित रह गए हैं। बता दें कि नगर निगम क्षेत्र में याशी कंपनी की ओर से छह लाख प्रॉपर्टी आईडी बनाई हैं। इनमें त्रुटियों की भरमार है। लोगों के नाम, पता और प्लॉट के साइज समेत अन्य प्रकार की त्रुटियां है। लोगों की मांग हैं कि इसकी तिथि और बढ़ाई जाए।
-
पिछले साल कम वसूली हुई थी
नगर निगम पिछले साल गृह कर वसूली कम कर पाया था। निगम वित्त वर्ष 2021-22 की अपेक्षा 2022-23 में करीब दस करोड़ कम राजस्व मिला था। ऐसे में वर्तमान वित्त वर्ष में नगर निगम अप्रैल से ही कर वसूली पर जुट गया है, लेकिन गृह कर वसूली में सबसे बड़ी दिक्कत प्रॉपर्टी आईडी को लेकर आ रही है। प्रॉपर्टी आईडी में काफी कमियां है। ऐसे में उसे ठीक कराने में ही लोगों को परेशानी आ रही है। दूसरा काफी संख्या में लोग प्रॉपर्टी आईडी को ठीक कराने में भी रुचि नहीं ले रहे हैं। इस साल निगम ने गृह कर से करीब 250 करोड़ राजस्व जुटाने का लक्ष्य रखा है।
-
लोगों से बातचीत
प्रॉपर्टी आईडी ठीक कराने के बाद छूट का लाभ अंतिम दिन उठा सका, पहले दो आईडी होने से कर जमा करने में परेशानी हो रही थी।
- अमर नाथ, एनआईटी पांच
-
प्रॉपर्टी आईडी सही नहीं होने के कारण हाउस टैक्स नहीं भर सका। काउंटर पर बताया कि प्रॉपर्टी की नई आईडी है। इसे ठीक कराने के बाद ही टैक्स जमा होगा।
- मनोहर लाल, एनआईटी एक मार्केट