- एफएमडीए एसटीपी लगवाने के लिए कर रहा है प्रोत्साहित
अवध किशोर श्रीवास्तव
फरीदाबाद। सोसाइटी में सीवर ट्रीटमेंट प्लांट होने पर फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) सीवर बिल पर 50 फीसदी की छूट देगा। इसके लिए एफएमडीएक को एसटीपी और उसके पानी जांच की रिपोर्ट देनी होगी। ग्रेटर फरीदाबाद क्षेत्र में हजारों बिल्डर फ्लैट, सोसाइटी और अन्य भवन हैं। अभी भी कई ऐसी सोसाइटी हैं, जहां सीवर ट्रीटमेंट प्लांट नहीं हैं या हैं भी तो सही तरीके से काम नहीं कर रहे हैं। एफएमडीए के वरिष्ठ अभियंता अंकित भारद्वाज के अनुसार एसटीपी का करीब 80 फीसदी पानी बर्बाद हो जाता है। इस पानी को शोधित कर विभिन्न जगहों पर उसका प्रयोग किया जा सकता है। इससे पानी की बचत के साथ भू-जल स्तर में सुधार होगा। वहीं, लाखों लीटर पानी खराब होने से बचाया जा सकता है। ऐसे में एफएमडीए ने सोसाइटियों सीवर संयंत्र होने पर सीवर बिल में 50 फीसदी की छूट देने का निर्णय लिया है। इसके लिए सोसाइटी को एसटीपी के साथ प्रदूषण बोर्ड से पानी के नमूने की जांच का प्रमाण पत्र देना होगा। ग्रेफ में एक सोसाइटी में करीब पांच से 10 हजार तक लोग रहते हैं। ऐसे में उनका पानी-सीवर का बिल लाखों रुपये में आता है। दूसरी ओर गंदा पानी ट्रीट नहीं होने से यमुना प्रदूषित होती है। ऐसे में एफएमडीए गंदे पानी को शोधित करने वालों को यह प्रोत्साहन दे रहा है।
पानी के दर में हुई वृद्धि
एफएमडीए ने पानी के रेट में एक अप्रैल से पांच फीसदी की बढ़ोतरी कर दी है। इससे एफएमडीए को प्रतिवर्ष करीब 1.50 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होगी। इसे एक अप्रैल से लागू कर दिया गया है। 10.50 पैसे प्रति एक हजार लीटर भुगतान करना होगा। स्मार्ट सिटी में भविष्य में इस्तेमाल होने के लिए भू-जल नहीं बचा है। जिले में 200 फीसदी भूजल का दोहन सालाना हो रहा है। इसका खुलासा केंद्रीय भूजल बोर्ड की ओर से हाल में जारी रिपोर्ट में हुआ था।
वर्जन
जिस सोसाइटी में सीवर शोधन संयंत्र लगा होगा, उनके सीवर बिल में छूट दी जाएगी। इसका उद्देश्य पानी का सही उपयोग करना है।
- अंकित भारद्वाज, कार्यकारी अभियंता, एफएमडीए
बॉक्स
कुल सोसाइटी : 57
बिल्डर फ्लोर : 500
अन्य फ्लैट : 450