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Faridabad News: आठ में से छह एसटीपी लगाने का अधर में कार्य

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आठ में से छह एसटीपी लगाने का अधर में कार्य
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- 15 बैठकों में भी जगह देने का मामला नहीं सुलझा, सिर्फ दो एसटीपी पर चल रहा काम
- निगम और स्मार्ट सिटी की बीच नहीं बनी बात
मनोज धर द्विवेदी
फरीदाबाद। नगर निगम के अधिकारी शहर में आठ सीवर शोधन संयंत्र (एसटीपी) लगाने को लेकर गंभीर नहीं हैं। खुद की आर्थिक स्थित बेहतर नहीं होने पर दूसरे के पैसे से भी काम कराने में रुचि नहीं ले रहे हैं। स्मार्ट सिटी लिमिटेड शहर में आठ एसटीपी लगाने के लिए नगर निगम ने जगह उपलब्ध कराने की मांग कर रहा है।
इसे लेकर 30 जून 2022 से 24 अप्रैल 2023 तक करीब 15 बैठकें निगम और एफएमडीए अधिकारियों के बीच हो चुकी हैं। इसके बाद भी आठ में से दो एसटीपी पर काम शुरू हो पाया है। शहर में सीवर ओवरफ्लो की गंभीर समस्या है। वर्षों पुरानी सीवर लाइनों की क्षमता कम होने के कारण यह अक्सर ओवरफ्लो होते रहते हैं। इसके लिए लोगों को निगम कार्यालय के चक्कर काटने पड़ते हैं। इसे देखते हुए नगर निगम ने शहर में आठ छोटे-बड़े सीवर शोधन संयंत्र लगाने की योजना एक साल पहले बनाई थी। हालांकि नगर निगम के पास फंड का अभाव होने पर इसे कार्य को स्मार्ट सिटी लिमिटेड के तहत कराने पर सहमति बनी थी। इसके तहत नगर निगम को जमीन उपलब्ध करानी थी और पैसे स्मार्ट सिटी को देना था। इस पर नगर निगम की सहमति पर स्मार्ट सिटी ने एसटीपी लगाने की सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली और काम ठेकेदार को सौंप दिया। जब एसटीपी लगाने की बात सामने आई तो जगह की समस्या उत्पन्न हो गई। दोनों विभागों के चक्कर में 64 करोड़ की परियोजना सिरे नहीं चढ़ पा रही है। हालांकि स्मार्ट सिटी के अधिकारियों का कहना है कि अब जमीन व एनओसी देने का काम निगम का है। ऐसे में देरी निगम के कारण हो रही है।
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बैठकों का दौर चला, नहीं निकला समाधान
एसटीपी लगाने का काम ठेकेदार को देने के बाद स्मार्ट सिटी ने नगर निगम के साथ 30 जून 2022 में पहली बैठक की। इसमें एसटीपी के लिए उपयुक्त जगह देने की बात की गई। इसके बाद 15 जुलाई के बाद 5 सितंबर,19 सितंबर और 27 सितंबर को दोनों के बीच बैठक हुई। अक्तूबर, नवंबर और दिसंबर में भी एक-एक बैठकें हुई लेकिन जमीन का मामला साफ नहीं हो पाया। ऐसे में करोड़ों का प्रोजेक्ट अभी फाइलों में हैं। दूसरी ओर काम में देरी होने पर प्रोजेक्ट की लागत भी बढ़ रही है। आठ एटसीपी में एक जलघर सेक्टर 25 में तीन एकड़ में 15 एमएलडी व गोल्फ कोर्स में 1.5 एकड़ में पांच एमएलडी का बन रहा है।
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शहर में लगे है मात्र तीन संयंत्र

शहर के सीवर को शोधित करने के लिए तीन बड़े सीवर शोधन संयंत्र नगर निगम के हैं। तीनों संयंत्रों की क्षमता कम है। इस कारण शहर में अक्सर सीवर ओवरफ्लो की समस्या रहती है। सबसे ज्यादा समस्या जवाहर कॉलोनी, पर्वतिया कॉलोनी, संजय कॉलोनी, सेक्टर-55, एनआईटी व बल्लभगढ़ क्षेत्र की रहती है। घरेलू सीवर करीब 259 एमएलडी पैदा होता है। इसके लिए बादशाहपुर में 45 एमएलडी, प्रतापगढ़ में 50 और मिर्जापुर गांव में 45 एमएलडी का एसटीपी है। इसे देखते हुए आठ जगहों पर एसटीपी लगवाने की योजना है।
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एसटीपी का ब्योरा-
क्षमता- जगह -जमीन-उपलब्धता
15एमएलडी-जल घर सेक्टर-25-3 एकड़-काम शुरू
05 एमलएडी-गोल्फ कोर्स-1.5 एकड़-काम शुरू
02 एमएलडी-प्याली चौक-1.1 एकड़-जमीन उपलब्ध नहीं
02 एमएलडी-झांडसेतली-1.1 एकड़-जमीन उपलब्ध नहीं
01 एमएलडी-नर्सरी बाग एनआइटी5-0.75 एकड़-जमीन उपलब्ध,एनओसी का इंतजार
01 एमएलडी-सेक्टर 45-0.75 एकड़-जमीन उपलब्ध नहीं
01 एमएलडी-बराही तालाब-0.75 एकड़-जमीन उपलब्ध नहीं
01 एमएलडी-सीही गांव-0.75 एकड़-जमीन उपलब्ध नहीं

वर्जन

जमीन की उपलब्धता नहीं होने से काम शुरू करने में देरी हो रही है। इसे लेकर तय जगह के आसपास जमीन देखी जा रही है। जल्द ही एसटीपी के लिए जगह मुहैया कराई जाएगी। दो जगहों पर काम चल रहा है और नर्सरी बाग का भी जल्द शुरू होगा।
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