फरीदाबाद। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के लिंक रोड के निर्माण के बीच आ रहे ट्यूबवेलों को दूसरी जगह शिफ्ट करने का काम भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने शुरू कर दिया है। इसके लिए सेक्टर-62 में सर्विस रोड के किनारे बोर किए जा रहे हैं। दो से तीन माह में यह काम पूरा कर लिया जाएगा। हालांकि लाइन शिफ्ट करने के दौरान लोगों को पेयजल समस्या से भी जूझना पड़ सकता है।
बाईपास रोड को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के लिंक रोड के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके लिए सभी मुख्य चौराहों पर अंडरपास व फ्लाईओवर बनाए जा रहे हैं। वहीं, रोड चौड़ी कर 12 लेन की जा रही है। रोड चौड़ी करने के लिए एनएचएआई ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण से 70 मीटर चौड़ी जमीन मांगी हुई है। अधिकतर जगहों पर जमीन एनएचएआई को दे दी गई है और वहां पर रोड चौड़ी करने का काम चल रहा है। अभी भी कुछ जगह ऐसी हैं, जहां पर अतिक्रमण व अवैध निर्माण रोड के रास्ते में बाधा बने हुए हैं। सेक्टर 2 के सामने कुछ हिस्से में बाईपास रोड पर अवैध कब्जे हुए हैं, जो एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड के अलाइनमेंट में आ रहे हैं। इसी तरह सेक्टर 8 व 9 के पास भी कुछ अतिक्रमण अभी बचा हुआ है। रोड के रास्ते में कुछ ट्यूबवेल भी लगे हुए हैं, जिन्हें अभी शिफ्ट नहीं किया गया है। सेक्टर 62 के इन ट्यूबवेलों को बचाते हुए सर्विस रोड बनाई गई है, कई जगह काम अभी बंद हैं। इससे निर्माण कार्य में दिक्कत आ रही है। इसे देखते हुए पानी की लाइनों को सेक्टर-62 सर्विस रोड से दूसरी जगह शिफ्ट करने काम चालू कर दिया है।
पेट्रोल पंप और सीएनजी स्टेशन भी बाधा बने
इसके अलावा बाईपास रोड पर 8 से 10 पेट्रोल पंप व सीएनजी स्टेशन भी हैं, जिन्हें अभी शिफ्ट करना बाकी है। हालांकि संबंधित विभाग इन्हें शिफ्ट करने व अतिक्रमण को हटाने के प्रयासों में लगे हुए हैं लेकिन अगर जल्द ही यह काम पूरा नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में इन जगहों पर निर्माण की गति धीमी पड़ सकती है।
रोड के साथ अधिकतर कब्जों व अतिक्रमण को हटा दिया गया है। जो बचे हुए हैं, उन्हें भी जल्द ही हटा दिया जाएगा। सेक्टर-62 में ट्यूबवेल और पानी की लाइनों को शिफ्ट करने का काम एनएचएआई द्वारा किया जा रहा है।
- अमित एस्टेट ऑफिसर, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण