फरीदाबाद। गांव शाहजहांपुर में बृहस्पतिवार को आए एक फोन से रक्षाबंधन के त्योहार की खुशियां मातम में बदल गईं। फोन राज राइफल-11 आर रेजीमेंट के मेजर का था, सूचना थी कि गांव का लाल देश की रक्षा करते हुए शहीद हो गया। इस खबर से घर व गांव में हाहाकार मच गया।
जम्मू-कश्मीर राजौरी क्षेत्र में सैनिक कैंप पर हुए आतंकी हमले में गांव शाहजहांपुर निवासी मनोज कुमार देश पर कुर्बान हो गए। सूचना कुछ ही मिनटों में गांव से लेकर जिले में फैल गई। जिला उपायुक्त जितेंद्र यादव और बल्लभगढ़ एसडीएम त्रिलोक चंद ने गांव में जाकर शहीद के परिवार को सांत्वना दी। शहीद का शव शुक्रवार दोपहर तक आने की संभावना है। अंतिम संस्कार गांव में सैनिक सम्मान के साथ किया जाएगा।
गांव शाहजहांपुर निवासी बाबूलाल के तीन बेटे और एक बेटी हैं। शहीद मनोज भाइयों में सबसे छोटे थे। उनका बड़ा भाई सुनील कुमार भी सेना में है, फिलहाल जालंधर में नायक के रूप में तैनात हैं। एक भाई योगेश गांव में ही खेतीबाड़ी का काम करते हैं। मनोज कुमार का जन्म 16 फरवरी 1996 को हुआ था। शहीद स्मारक राजकीय कॉलेज तिगांव से स्नातक की परीक्षा पास कर मात्र 21 वर्ष की आयु में साल 2017 में राज राइफल 11 आर रेजीमेंट में बतौर सिपाही भर्ती हुए थे। इन दिनों जम्मू-कश्मीर के राजौरी में तैनात थे। सूचना के बाद नम आंखों से बहनों ने भाइयों को राखी बांधी।
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सबसे पहले पिता को मिली बेटे के शहीद होने की सूचना
बृहस्पतिवार सुबह करीब आठ बजे मनोज के पिता बाबूलाल के पास राजौरी से राज राइफल 11 आर रेजीमेंट के मेजर का फोन आया। सूचना मिली कि बुधवार रात करीब साढ़े तीन बजे आतंकियों ने कैंप पर हमला कर दिया। इसमें मनोज कुमार सहित तीन सैनिक शहीद हो गए। खबर सुनते ही घर में मातम छा गया। बाबूलाल ने कहा वह अभी जम्मू के लिए निकल रहे हैं। मेजर ने बताया कि मनोज का पार्थिव शरीर सेना के अधिकारी लेकर आ रहे हैं। सूचना सुनकर गांव के लोग बाबूलाल के घर पहुंचे। जिला उपायुक्त जितेंद्र यादव, एसडीएम त्रिलोक चंद, तिगांव के सहायक पुलिस आयुक्त सुखवीर सिंह, थाना छांयसा प्रभारी सुरेंद्र कुमार, कानूनगो विक्रम भाटी ने परिवार को सांत्वना दी। शुक्रवार को गांव के बाहर मंझावली-छांयसा मार्ग फज्जुपुर ग्रामीण लघु सचिवालय के बाहर पार्क में शहीद का अंतिम संस्कार किया जाएगा।