फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Faridabad News: नहाय-खाय के साथ आज से शुरू होगा सूर्य उपासना का महापर्व

विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

फरीदाबाद। सूर्य उपासना के महापर्व की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। आज से नहाय-खाय के साथ छठ महापर्व की शुरुआत होगी, इसके बाद श्रद्धालु 36 घंटे तक व्रत रखेंगे। शहर में 100 से अधिक स्थानों पर प्राकृतिक और कृत्रिम घाट बनाकर सूर्य भगवान को अर्घ्य देंगे। बृहस्पतिवार को कृत्रिम छठ घाटों की सफाई हुई। वहीं, श्रद्धालुओं ने बाजारों में जाकर पूजा के सामान, टोकरियां, सब्जियां-फल खरीदे। पर्व को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह बना हुआ है।

फरीदाबाद शहर के लिए छठ महोत्सव बड़ा पर्व है। शहर में पूर्वांचल से लगभग पांच-छह लाख से अधिक लोग रहते हैं। महापर्व की पूर्व संध्या पर बाजारों में भीड़भाड़ का माहौल रहा। सामाजिक संस्थाओं के साथ-साथ नगर निगम प्रशासन की ओर से छठ पूजा की तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। आज नहाय-खाय में श्रद्धालु घरों में अरवा चावल, सेंधा नमक, चने की दाल और लौकी की सब्जी को प्रसाद स्वरूप ग्रहण करेंगे। इसके साथ ही 18 नवंबर को खरना मनाया जाएगा। जिसमें केवल मीठे पकवानों का ही सेवन किया जाता है। श्रद्धालु पूरे दिन अन्न, जल का त्याग कर व्रत धारण करेंगे। रात के समय ही खीर पूड़ी, गुड़ की खीर व दूध से बने पकवान बनाकर अपने पड़ोसी और रिश्तेदारों में बांटने के बाद प्रसाद ग्रहण करेंगे। जबकि 19 नवंबर को संध्या अर्घ्य है। इसी प्रकार 20 नवंबर को छठ पूजा का समापन है, जिसमें उगते सूर्य को अर्घ्य देकर ठेकुआ गन्ना, खीर हलुआ छोले आदि का प्रसाद वितरित किया जाएगा।
विज्ञापन


पूर्वांचल के मूल निवासियों के साथ-साथ स्थानीय निवासियों में भी छठ पूजा को लेकर उत्साह दिखाई दिया। शहर में बिहार, झारखंड, पश्चिम बगांल, पूर्वी उत्तर प्रदेश, उड़ीसा और छत्तीसगढ़ प्रदेशों के करीब आठ हजार लोग रहते हैं। छठ पूजा को लेकर शहर के विभिन्न इलाकों में बड़े स्तर पर सामूहिक तौर से पूजा स्थल तैयार किए जाते हैं। सभी पूजा स्थलों पर मेले जैसी व्यवस्थाओं का आयोजन किया जाता है। महापर्व की तैयारियाें में सामाजिक संस्थाएं जुटी रहीं। नगर निगम की ओर से भी अपने अंतर्गत आने वाले कच्चे पक्के 40 छठ घाटों पर साफ-सफाई का काम लगभग पूरा करवाए जाने की बात कही गई है। समितियों की ओर से बनाए गए घाटों के अंतर्गत आगरा नहर, खेड़ी पुल के नजदीक भी घाटों की पुताई का काम पूरा किया जा चुका है। ग्रेटर फरीदाबाद स्थित पार्क इलीट प्रीमियत सोसाइटीज में भी अपने स्तर पर छठ पर्व की तैयारियां की हैं। जहां लोग घाट पर छठ पूजा न कर स्विमिंग पूल पर महापर्व मनाएंगे। इसके लिए सोसाइटी के आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों ने अपने स्तर स्विमिंग पूल के चारों और लाइट्स और म्यूजिक सिस्टम लगवाए हैं। लोगों में इस पर्व को लेकर खासा उत्साह बना हुआ है।
रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे आयोजित
पूर्वी सेवा समिति की ओर से एसजीएम नगर, सेक्टर-22, सेक्टर-55,56 सरूरपुर, दयालबाग, सूरजकुंड में छठ पूजन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रहेगी। बौद्व बिहार में शुक्रवार को छठ महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। सेक्टर-22 प्राचीन हनुमान मंदिर और प्राचीन शिव मंदिर की ओर से भी छठ महोत्सव पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सेक्टर-52 में भी छठ महोत्सव की तैयारियों में बृहस्पतिवार को संस्था के पदाधिकारी दिनभर जुटे रहे। इसके साथ ही अगवानपुर, तिलपत, बसंतपुर, एहतमादपुर, शिव दुर्गा विहार के अलावा अन्य कई कच्चे पक्के घाटों पर भी सामूहिक तौर पर छठ पूजा आयोजित की जाएगी।
बाजारों में रही भीड़
सूर्योपासना के महापर्व की तैयारियों को लेकर शुक्रवार को बाजारों में खरीदारी करने वालों की भीड़ रही। बाजारों में पूजा में प्रयोग होने वाली सामग्री के दाम आसमान छू रहे हैं। जिसमें पूजा में प्रयोग होने वाली सब्जियां भी पर पीस के हिसाब से बिकीं। इन सब्जियों में पत्ता हल्दी, कच्चा अदरक, शकरकंदी, अरबी, आंवला, कच्ची इमली,अमरस पांच रुपये पर पीस के हिसाब से बिके। जबकि अनानास, नारियल, गलगल के रेटों में भी उछाल देखने को मिला। पूजा सामग्री में कथबेल, शहद लाल, पीला जनेउ धागे के अलावा भी चुनरी, बांस की टोकरी और छाज की ब्रिकी भी जोरों पर रही। खरीदारी करने वालों में अधिकांश संख्या महिलाओं की रही।
विज्ञापन

घर में रहता है पवित्रता का माहौल
छठ महापर्व पर घर में साफ-सफाई और पवित्रता का विशेष महत्व रहता है। अनीता देवी ने बताया कि छठ पर्व पर पवित्रता का खास ध्यान रखना होता है। व्रत के दौरान जमीन पर सोने की परंपरा है। जिसमें विशेषतौर से पूजा स्थल के समीप ही सोया जाता है। व्रती इस दिन आम की लकड़ियों की आंच पर नए चूल्हे पर खाना पकाती हैं। घर में किसी भी प्रकार का बाहरी भोजन नहीं खाया जाता। पर्व में सिर्फ घर के बने शुद्ध शाकाहारी भोजन को प्रसाद स्वरूप लिया जाता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें