फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Faridabad News: कर्मचारियों की हड़ताल से तीन दिन में कूड़ाघर बने शहर के चौक-चौराहे

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

फरीदाबाद। स्मार्ट सिटी में डोर टू डोर कूड़ा उठाने वाली ईको ग्रीन कंपनी के कर्मी तीन दिन से हड़ताल पर हैं। इसके चलते शहर में गंदगी के ढेर लग गए हैं। कूड़ा कलेक्शन सेंटर, चौक-चौराहों सहित शहर की सड़कों पर करीब 3000 टन कूड़ा पड़ा है। फरीदाबाद के ग्रामीण क्षेत्र में भी सफाई करने वाले वेतन न मिलने और अन्य मांगों के चलते 20 दिनों से हड़ताल पर हैं। गांवों में भी जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। शहर और गांवों में गंदगी और दुर्गंध से लोग परेशान हैं।
शहर में करीब 500 कूड़ा कलेक्शन सेंटर है। इन सभी स्थानों पर रोजाना करीब एक हजार टन कूड़ा एकत्रित होता है। ईको ग्रीन कंपनी की गाड़ियां यहां से कूड़ा उठाकर बंधवाड़ी प्लांट लेकर जाती हैं। घर-घर से कूड़ा उठाने की भी जिम्मेदारी भी ईकोग्रीन कंपनी की है। वेतन न मिलने से परेशान कंपनी कर्मचारी पिछले तीन दिन से हड़ताल पर चले गए हैं। इससे शहर की 25 लाख से अधिक की आबादी गंदगी से परेशान है। आलम यह है कि शहरवासी पैसे भी दे रहे हैं, फिर भी उनका कूड़ा नहीं उठ रहा। कूड़ा उठाने का काम कंपनी को देने के पांच साल बाद भी व्यवस्था सुधरी नहीं है। कभी कूड़ा उठाने वाले कर्मचारी हड़ताल पर चले जाते हैं तो कभी ट्रैक्टर व ट्रकों के ड्राइवर और हेल्पर नहीं आते।
विज्ञापन


जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर
तीन दिन से कंपनी कर्मचारियों की हड़ताल से शहर में 500 स्थानों पर करीब 3000 टन कूड़ा एकत्र हो चुका है। इनमें सबसे ज्यादा कूड़े के ढेर हार्डवेयर सोहना रोड स्थित लखानी चौक, नीलम बाटा रोड, नीलम रेलवे रोड, डबुआ एयरफोर्स रोड चौक, राजीव कॉलोनी, एनआईटी एक नंबर मार्केट, तिकोना पार्क स्थित व्यापार मंडल कार्यालय, वैष्णो देवी मंदिर के समीप, सेक्टर-55 आदि स्थान शामिल हैं। इन स्थानों से बृहस्पतिवार को भी कूड़ा नहीं उठाया गया।


छह साल पहले ईकोग्रीन को दिया था ठेका
राज्य सरकार ने जून 2017 में चाइना की ईको ग्रीन कंपनी से डोर टू डोर कूड़ा उठाने के लिए समझौता किया था। जिसके तहत कंपनी को कूड़ा एकत्र कर उसे बंधवाड़ी प्लांट तक पहुंचाना है। बदले में नगर निगम कंपनी को करीब एक हजार रुपये प्रति टन के हिसाब से भुगतान करना होता है। कंपनी ने दिसंबर 2017 में कूड़ा उठाने का काम शुरू किया था। इसके बाद से लगातार नियमित रूप से सभी घरों और खत्तों से कूड़ा उठाने के काम प्रभावित हो रहा है।

वर्जन
ईको ग्रीन कंपनी निगम के साथ हुए समझौते के तहत काम नहीं कर रही है और न तो संसाधन बढ़ा रही है और न ही नियमित रूप से शहर से कूड़ा डंपिंग यार्ड तक पहुंचा रही है। इसके लिए कंपनी को चेतावनी दी गई है। - डॉ. गौरव अंतिल, अतिरिक्त आयुक्त, नगर निगम
विज्ञापन


गांवों में लगे कूड़े के ढेर, धरना जारी
वेतन समेत अपनी मांगों को लेकर ग्रामीण सफाई कर्मी पिछले 20 दिन से अधिक समय से हड़ताल पर चल रहे हैं। हालत यह है कि कूड़ा न उठने से कलेक्शन सेंटरो के पास से निकलना मुश्किल हो गया है। जिला मुख्यालय उपायुक्त कार्यालय के सामने बृहस्पतिवार को ग्रामीण सफाई कर्मचारियों का धरना जारी रहा। 10 अक्तूबर से चल रही कर्मियों की हड़ताल से गांवों में भी सफाई व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। सीटू के जिला सचिव वीरेंद्र सिंह डंगवाल ने बताया कि हरियाणा सरकार ने मांगों का समाधान करने के बजाए वेतन में एक हजार रुपये की मामूली सी बढ़ोतरी करके कर्मियों के साथ भद्दा मजाक किया है। पिछले 17 सालों से प्रदेश के गांव देहात में सफाई का काम कर रहे कर्मचारी पक्की नौकरी और 26 हजार रुपये वेतन प्राप्ति के लिए आंदोलन कर रहे हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें